मुंबई के मालाड पूर्व स्थित पालनगर इलाके से एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मजदूरों के बीच मामूली कहासुनी ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि इलाके में ‘एसिड की होली’ खेली गई. इस घटना में कई लोग झुलस गए, जिनमें आम राहगीर भी शामिल हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पालनगर में बड़ी संख्या में कथित अवैध प्लेटिंग यूनिट्स संचालित हो रही हैं. इन यूनिट्स में खतरनाक एसिड का खुलेआम इस्तेमाल किया जाता है. बताया जा रहा है कि इलाके में करीब 100 से 125 ऐसी यूनिट्स चल रही हैं, जो प्रशासन और स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के आरोपों के बीच फल-फूल रही हैं.
गुरुवार को कैसे भड़का विवाद?
गुरुवार को एक प्लेटिंग यूनिट में काम कर रहे मजदूरों के बीच मामूली कहासुनी हुई. लेकिन देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. आरोप है कि गुस्से में मजदूरों ने एक-दूसरे पर एसिड फेंकना शुरू कर दिया. घटना मुख्य सड़क के पास हुई, जिससे वहां से गुजर रहे आम लोग भी इसकी चपेट में आ गए और उन पर भी एसिड गिर गया. इस अचानक हुई घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
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घायल और इलाज
इस घटना में संदीप सरोज नामक युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे माऊली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. वहीं करीब 5 अन्य घायलों का इलाज महानगरपालिका के शताब्दी हॉस्पिटल में चल रहा है.
गनीमत रही कि इस घटना में कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन कई लोग बुरी तरह झुलस गए हैं.
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पुलिस ने मामला दर्ज किया
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बताया जा रहा है कि इस मामले में क्रॉस केस भी दर्ज किए गए हैं और साधू चव्हाण को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया है.
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प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध प्लेटिंग यूनिट्स कैसे संचालित हो रही हैं?
एसिड जैसे खतरनाक केमिकल का बिना किसी सख्त निगरानी के इस्तेमाल होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है.
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