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आचार्य बालकृष्ण “I AM PEACEKEEPER – Champion Health Award 2026” से सम्मानित

आचार्य बालकृष्ण को मुंबई में आयोजित Billionaires for Peace Conclave 2026 में ‘I AM PEACEKEEPER Champion Health Award 2026’ से सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि विश्व के स्वास्थ्य संकट का समाधान योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित है

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आचार्य बालकृष्ण 'I AM PEACEKEEPER – Champion Health Award 2026' से सम्मानित

योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा के पथ-प्रदर्शक आचार्य बालकृष्ण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आज एक और प्रतिष्ठित सम्मान से अलंकृत किया गया. मुंबई में आयोजित वैश्विक ‘Billionaires for Peace Conclave 2026’ में उन्हें ‘I AM PEACEKEEPER – Champion Health Award 2026’ से सम्मानित किया गया. यह सम्मान विश्व शांति, मानवता, स्वास्थ्य सेवा और वैश्विक कल्याण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया.

आचार्य बालकृष्ण को यह सम्मान ऐसे समय में प्राप्त हुआ है जब आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धति को पूरी दुनिया में अभूतपूर्व स्वीकार्यता मिल रही है. उन्होंने अपने अनुकरणीय शोध, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैश्विक प्रयासों के माध्यम से आयुर्वेद को केवल पारंपरिक चिकित्सा पद्धति तक सीमित नहीं रहने दिया, अपितु उसे आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और समग्र स्वास्थ्य के साथ जोड़कर नई दिशा प्रदान की है. उनके नेतृत्व में पतंजलि द्वारा भारतीय पौराणिक ग्रन्थों में समाहित ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साक्ष्य-आधारित परिणामों में माध्यम से विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है.

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सम्मान प्राप्त करने के उपरांत आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि एक स्वस्थ मानव ही शांतिपूर्ण समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है. आयुर्वेद मात्र एक चिकित्सा पद्धति नहीं, अपितु सम्पूर्ण मानवता को संतुलित, निरोग और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करने वाला विज्ञान है. भारत सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना का प्रतिनिधित्व करता आया है और आज पूरी दुनिया शांति, सहअस्तित्व और समग्र स्वास्थ्य के लिए भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रही है. आज विश्व जिस मानसिक तनाव, असंतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है, उसका समाधान प्रकृति और भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित है. योग और आयुर्वेद विश्व को केवल रोगमुक्त ही नहीं, बल्कि तनावमुक्त और संघर्षमुक्त जीवन की दिशा भी प्रदान करते हैं.

आगे उन्होंने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आयुर्वेद और उन करोड़ों लोगों का सम्मान है जिन्होंने प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाकर स्वस्थ शरीर, स्वस्थ व्यक्तित्त्व, स्वस्थ समाज की नींव रखी और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाया है.

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आचार्य बालकृष्ण ने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता, प्राकृतिक चिकित्सा और मानव कल्याण के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है. उनके प्रयासों ने भारतीय आयुर्वेद को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है और करोड़ों लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है.

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यह प्रतिष्ठित आयोजन ‘I AM PEACEKEEPER’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वभर में शांति, न्याय, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है. इस वैश्विक पहल से नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, उद्योगपति, नीति निर्माता, सामाजिक चिंतक और विभिन्न देशों के आध्यात्मिक नेता जुड़े हुए हैं. सम्मेलन में विश्व शांति और मानव कल्याण को लेकर महत्वपूर्ण विमर्श हुए तथा अनेक अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भाग लिया.

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