विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने 14 सितंबर 2023 को मुंबई एयरपोर्ट पर हुए लीयरजेट 45XR विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट जारी कर दी है. रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम के बीच क्रू द्वारा अस्थिर लैंडिंग को जारी रखने का फैसला और विमान को ठीक से हैंडल न कर पाना इस दुर्घटना की मुख्य वजह बना. इसके चलते बेहद कम ऊंचाई पर विमान एरोडायनामिक स्टॉल का शिकार हो गया और चालक दल इसे संभाल नहीं सका. साथ ही विमान संचालक कंपनी वीएसआर वेंचर्स में पायलट प्रशिक्षण, रिकॉर्ड रखने और आंतरिक ऑडिट में भी गंभीर खामियां पाई गई हैं.वीएसआर वेंचर्स वही ऑपरेटर है जिसका विमान बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी.
किन वजहों से हुआ हादसा?
जांच एजेंसी ने हादसे के लिए कई सहायक कारणों को भी जिम्मेदार ठहराया है. रिपोर्ट के मुताबिक, चालक दल ने विमान की रफ्तार पर लगातार नजर नहीं रखी. खराब विजिबिलिटी और तेज हवा के बावजूद लैंडिंग का फैसला लिया गया. मुंबई एयरपोर्ट पर तय पाबंदियों का समय शुरू होने से पहले ही उतरने की अत्यधिक जल्दबाजी दिखाई गई और निगरानी कर रहे पायलट ने ‘गो-अराउंड’ का निर्देश देने में देरी की. विशाखापट्टनम से मुंबई आ रहा वीएसआर वेंचर्स का यह लीयरजेट 45 विमान रनवे 27 पर उतरते समय रनवे से फिसलकर बाहर निकल गया था. विमान में 6 यात्री और चालक दल के 2 सदस्य सवार थे.
वीएसआर वेंचर्स की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की जांच में विमान ऑपरेटर कंपनी वीएसआर वेंचर्स की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं. जांचकर्ताओं ने पाया कि कंपनी के कई लीयरजेट पायलटों की सालाना नियमित ट्रेनिंग के दौरान अनिवार्य आपातकालीन अभ्यास पूरे नहीं कराए गए थे. इसमें सिमुलेटर पर की जाने वाली जरूरी कौशल जांच भी अधूरी छोड़ी गई थी. जांच रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी में एयरफ्रेम और तकनीकी लॉग बुक का रिकॉर्ड ठीक से नहीं रखा जा रहा था. इसके अलावा कंपनी द्वारा किए जाने वाले आंतरिक ऑडिट भी नियमों के मुताबिक नहीं थे.
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डीजीसीए की पिछली ऑडिट और निगरानी रिपोर्टों में ये कमियां दर्ज ही नहीं थीं. हालांकि, बारामती हादसे के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि फरवरी 2025 में हुए ऑडिट में वीएसआर में लेवल-I यानी गंभीर श्रेणी की कोई खामी नहीं मिली थी.
DGCA के लिए कड़े कदम उठाने की सिफारिश
हादसे के बाद AAIB ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को कई अहम सुरक्षा सिफारिशें भेजी हैं. ब्यूरो ने कहा है कि फिक्स्ड-विंग विमानों के पायलटों, खासकर नॉन-शेड्यूल्ड और जनरल एविएशन ऑपरेटरों के ट्रेनिंग रिकॉर्ड्स का एक बार विशेष ऑडिट किया जाए. इसके साथ ही पायलटों के नियमित प्रशिक्षण में लैंडिंग के समय स्टॉल रिकवरी का अभ्यास अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.
रिपोर्ट में ऑपरेटरों के लिए आंतरिक ऑडिट को मजबूत करने, मैनुअल के सही सत्यापन और क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट ट्रेनिंग को बेहतर करने पर जोर दिया गया है. साथ ही वीएसआर वेंचर्स को चेकलिस्ट नियमों का कड़ाई से पालन करने और एयरक्राफ्ट लॉगबुक को सही ढंग से मेंटेन करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को भी वेक टर्बुलेंस सेपरेशन के नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है.