मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के एक गांव में दो चीतों ने घर के पास हमला कर दो बछड़ों को मार डाला. इस घटना के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल है. ग्रामीणों को अब रात में अपने खेतों तक जाने में भी डर लग रहा है. हालांकि, वन विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधान रहने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि चीते आम तौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते.
घर के पास सो रहे लोगों ने देखे चीते
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे करहल तहसील की लहारोनी ग्राम पंचायत के बामोरी गांव में हुई. यह गांव श्योपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर है. बताया जा रहा है कि रिहायशी इलाके में चीतों के इस तरह के हमले की यह पहली घटना है. ग्रामीणों ने बताया कि सोमला सिंह और उनकी पत्नी पशुशाला के पास खाट पर सो रहे थे. इसी दौरान बछड़ों पर चीतों के हमले की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई. जब दोनों ने पास में दो चीतों को देखा तो वे घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए भाग गए. इस घटना के बाद से गांव के लोग चीतों को लेकर चिंता में हैं.
रात में खेतों पर जाने से डर रहे किसान
ग्रामीणों के मुताबिक, इन दिनों किसान रबी की फसलों की सिंचाई कर रहे हैं. इसके लिए उन्हें अक्सर रात में खेतों पर जाना पड़ता है. चीतों की खबर के बाद अब उन्हें अंधेरे में गांव के रास्तों से गुजरने और खेतों में काम करने में डर लग रहा है. श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में कुल 53 चीते हैं. इनमें भारत में जन्मे 40 चीते भी शामिल हैं.
वन विभाग ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
वन विभाग के अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा ने ग्रामीणों से ना घबराने की अपील की है. उन्होंने कहा कि चीते आम तौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते हैं. हालांकि, उन्होंने लोगों को सावधान रहने और गांव या रिहायशी इलाके में चीता दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी. शर्मा ने बताया कि चीतों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की एक टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि चीतों द्वारा बछड़ों को मारने के मामलों में तय मुआवजा दिया जाएगा है.