Satpura Bhawan Fire Accident: आग पर 16 घंटे बाद पाया काबू, सीएम ने बनाई 4 सदस्यीय जांच कमेटी, कमलनाथ बोले- 'आग लगी या लगाई'
Edited By Rakesh Choudhary

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Satpura Bhawan Fire Accident: भोपाल स्थित सतपुड़ा भवन में सोमवार की दोपहर को लगी आग पर लगभग 16 घंटे की कोशिशों के बाद काबू पा लिया गया है। मगर अब भी कई हिस्सों में आग सुलग रही है और धुआं उठ रहा है। पूरी रात आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही। आग पर काबू पाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एयरफोर्स की मदद मांगी थी। ज्ञात हो कि सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल में सोमवार की दोपहर को आग लगी और देखते ही देखते वह चौथी, पांचवी और छठवीं मंजिल तक पहुंच गई।
इस आग के चलते पूरी इमारत में भगदड़ मच गई। यह राज्य की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी इमारत है। पूरी इमारत को खाली कराया गया। फायर ब्रिगेड की 50 से ज्यादा गाड़ियां और 300 से ज्यादा टैंकर आग पर काबू करने की कोशिश में लगे। इन मंजिलों पर कई विभागों खासकर स्वास्थ्य संचालनालय, आदिमजाति कल्याण विभाग, ईओडब्ल्यू व लोकायुक्त के दफ्तर हैं जिनके कागजात के जलने की बात सामने आ रही है।
आग पर मंगलवार की सुबह तक काबू पा लिया गया था, मगर छठवीं मंजिल से अब भी धुआं उठ रहा है। इस अभियान में भोपाल नगर निगम के अलावा भेल व आसपास के जिलों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई। वहीं इंदौर से विशेष लोगों को बुलाया गया, जो आग बुझाने के विशेषज्ञ हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार की रात आग के प्रारंभिक कारणों को जानने के लिए कमेटी बनाई इसमें एसीएस गृह राजेश राजौरा, पीएस नगरीय प्रशासन नीरज मंडलोई, पीएस लोक निर्माण सुखबीर सिंह और एडीजी फायर सदस्य बनाए गए है। यह कमेटी जांच के प्रारंभिक कारणों का पता कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री चौहान को सौंपेगी। इस समिति से जुड़े लोगों ने सोमवार की रात को मौके का मुआयना किया।
आग की विकरालता को लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की और आग बुझाने के लिए एयरफोर्स की मदद मांगी। हालांकि मंगलवार सुबह तक वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टर नहीं पहुंचे। बताया गया है कि सतपुड़ा भवन के जिन मंजिलों में आग लगी है वहां तीन विभाग हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इन सभी मंजिल में किसी भी विभाग का टेंडर, प्रैक्योरमेंट संबंधी कोई भी कार्य नहीं होता है। मूलत: यहां स्थापना संबंधित विभागीय कार्य होते है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार की रात को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा कर सतपुड़ा भवन में आग घटना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आग बुझाने के प्रदेश सरकार के प्रयासों और केंद्र सरकार के आर्मीए एयरफोर्स, भेल, सीआईएएसएफ, एयरपोर्ट एवं अन्य से मिली मदद से भी अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इस अग्निकांड को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, यह मध्यप्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार की लपटें है जो उठ रही है। आदिम जाति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोकनिर्माण विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग, ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण विभागों के भ्रष्टाचार की फाइलें जलकर नहीं जलाकर खाक कर दी गई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि यह आग लगी है या लगाई गई है यह बड़ा सवाल है। कमलनाथ ने कहा है कि “सतपुड़ा भवन में लगी आग भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है। यह आग लगी या लगाई गई, यह एक प्रश्न है। अभी तक यह कहा गया है कि 12 हजार फाइलें जली हैं, पता नहीं कितनी हजारों फाइलें जली हैं। उसका क्या लक्ष्य था? क्या उद्देश्य था? यह एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का मामला है और इस पर स्वतंत्र जांच एजेंसी से पूरी जांच होनी चाहिए।”
जब कमलनाथ से पूछा गया कि इससे पहले भी आग लग चुकी है और इसके लिए सरकार की ओर से क्या तैयारी होनी चाहिए तो उनका जवाब था कि इनकी तो किसी चीज की तैयारी नहीं है, केवल तैयारी पैसे बनाने की है।
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