'क्या पता कल मैं रहूं या न रहूं.....' कथावाचक की भविष्यवाणी अगले दिन हुई सच

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में कथावाचक द्वारा प्रवचन में की गई भविष्यवाणी अगले दिन ही सच साबित हो गई। पंडित राकेश व्यास ने कहा था कि ‘कभी भी बुलावा आ सकता है…’ और अगले दिन उन्हें हार्ट अटैक आ गया।

Madhya Pradesh News

अक्सर अगर कहीं भी भागवत या रामकथा होती हैं, तो ज्यादातर कथा वाचक लोगों को मोह छोड़ भगवान का नाम लेने के लिए कहते हैं। क्योंकि जिंदगी का कोई भरोसा नहीं कि कब इसका आखिरी बुलावा आ जाए। लेकिन मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में कथावाचक द्वारा प्रवचन में की गई भविष्यवाणी अगले दिन ही सच साबित हो गई। जिले के ब्यावरा में स्थित राधाकृष्ण मंदिर में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान कथावाचक पंडित राकेश व्यास को अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई। एक दिन पहले ही कथा में पंडित राकेश व्यास ने कहा था कि ‘कभी भी बुलावा आ सकता है…’ मान्यता है कि व्यास गद्दी पर बैठकर कही जाने वाली बात ईश्वर की वाणी होती है। इस घटना ने इसे सच साबित कर दिया।

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‘कभी भी बुलावा आ सकता है’

कथावाचक पंडित राकेश व्यास ब्यावरा के राधाकृष्ण मंदिर में 7 दिवसीय शिवमहापुराण कथा कर रहे थे। मंगलवार को कथा का पहला दिन था, तब इंदौर से आए पंडित राकेश व्यास ने कथा सुनाते हुए कहा था कि ‘एक दिन सभी को जाना ही है…. भगवान के यहां से कभी भी बुलावा आ सकता है।’ इस दौरान उन्होंने कहा कि जिंदगी रंज-ओ-गम का मेला है। क्या पता कल मैं रहूं या न रहूं। राजा हो, रंक हो, सभी को एक दिन इस दुनिया से जाना है।

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पंडित जी को आया साइलेंट हार्ट अटैक

वहीं, कथा के दूसरे दिन बुधवार की सुबह उनका यह कथन सच साबित हो गया। आयोजन समिति के सदस्य कालूराम गुर्जर ने बताया कि वह सुबह चाय लेकर उनके पास गए। उन्होंने पंडित जी को काफी आवाज दी, लेकिन सामने कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। जब वह उनके पास गए, वह ढिले पड़े हुए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत नर्सिंग होम ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें साइलेंट हार्ट अटैक आया है।

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