TrendingRepublic DayGold Silver PriceDonald Trump

---विज्ञापन---

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को ब्लैकमेल करने की कोशिश, राजस्थान से दो आरोपी गिरफ्तार; जानें पूरा मामला

Prahlad Patel Blackmail Case: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को ब्लैकमेल करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के भरतपुर से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री को एक कॉल आया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत […]

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल। -फाइल फोटो
Prahlad Patel Blackmail Case: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को ब्लैकमेल करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के भरतपुर से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री को एक कॉल आया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत घटना की सूचना दिल्ली पुलिस आयुक्त को दी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने भरतपुर से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहब को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य संदिग्ध साबिर अभी भी फरार है।

गिरफ्तार आरोपियों के बारे में मिली ये जानकारी

क्राइम ब्रांच की जांच से पता चला कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति सेक्सटॉर्शन कॉल और ब्लैकमेल गतिविधियों में शामिल एक संगठित गिरोह से जुड़े थे। दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने मंत्री प्रह्लाद पटेल के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए वीडियो कॉल कर सीधे तौर पर उन्हें निशाना बनाया। घटना की सूचना पटेल के निजी सचिव आलोक मोहन ने पुलिस को दी।   और पढ़िए – बारिश से बेहाल हुई देवभूमि; लगातार भूस्खलन से अब घरों में आने लगी दरारें   कॉल के दौरान उन्होंने उसे ब्लैकमेल करने के इरादे से एक अश्लील वीडियो चला दिया। हालांकि, मंत्री ने तुरंत कॉल काट दी और पुलिस को घटना की जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि घटना की सूचना पटेल के निजी सचिव आलोक मोहन ने जून के आखिरी सप्ताह में दी थी। आरोपियों की गिरफ्तारी जुलाई के पहले हफ्ते में की गई थी।

क्या होता है सेक्सटॉर्शन कॉल

सेक्सटॉर्शन कॉल में आमतौर पर यौन प्रकृति के फोन/वीडियो कॉल की सार्वजनिक रिकॉर्डिंग करने की धमकी के साथ ब्लैकमेल करना शामिल होता है। केंद्रीय मंत्री के मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 419 (प्रतिरूपण) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि शिकायत के बाद केंद्रीय मंत्री के मोबाइल पर आए कॉल की डिटेल निकाली गई। एक अधिकारी ने कहा, "जांच टीम को पता चला कि एक सिम का इस्तेमाल 36 इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (आईएमईआई) नंबरों में किया गया था, जबकि दूसरे का इस्तेमाल 18 आईएमईआई नंबरों में किया गया था।" एक अधिकारी ने कहा, "स्थानीय पुलिस मुखबिरों की मदद से जाल बिछाया गया और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया... पुलिस ने एक सेलफोन बरामद किया जिससे वीडियो कॉल किया गया था और इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया।"


Topics:

---विज्ञापन---