MP Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। बीजेपी और कांग्रेस के कई दिग्गज नेता चुनाव मैदान में हैं। इसमें से एक नाम बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय की है, जिन्होंने मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को ऊंचे पायदान पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी राजनीति की पारी छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ की। इस बार के विधानसभा चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 सीट से भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है।
इंदौर के 5 में से 4 सीटों पर भाजपा का कब्जा
2018 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा ने इंदौर के शहरी क्षेत्र की पांच सीटों में से चार पर कब्जा जमा लिया था जबकि कांग्रेस के संजय शुक्ला ने इंदौर -1 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। अब, इसी इंदौर-1 से भाजपा ने अपनी रणनीति के अनुसार दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाया है। बुधवार को अंतिम चुनाव प्रचार के दौरान विजयवर्गीय ने अपनी जीत का दावा किया।
विजयवर्गीय एबीवीपी के दिनों से लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा तक भाजपा में शीर्ष पर रहे और छह बार विधानसभा का चुनाव जीते। वह राज्य के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें इंदौर शहर का पहला निर्वाचित महापौर (मेयर) बनने के लिए जाना जाता है।
धार्मिक कार्यों में रुचि रखते हैं विजयवर्गीय
भाजपा नेता अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। उन्हें ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन सहित विभिन्न प्लेटफार्मों पर अकाउंट है, जहां लोग उनसे जुड़े होते हैं और अपनी समस्याओं को सुनाते हैं। बताया जाता है कि श्री विजयवर्गीय को कला, संगीत और लेखन में गहरी रुचि है। उनकी पार्टी के सहयोगियों का कहना है कि उन्हें धार्मिक समारोहों में गाते और अपनी वेबसाइट और समाचार पत्रों पर ब्लॉग लिखना पसंद है।
मंगलवार को इंदौर पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को चुनाव प्रचार करने इंदौर पहुंचे थे। रथ पर सवार होकर पीएम मोदी इंदौर-1, इंदौर-4 और इंदौर-3 निर्वाचन क्षेत्रों से गुजरे, जिसमें 1.5 किमी की दूरी तय की गई। पीएम मोदी की इस यात्रा से इंदौर की सभी सीटों पर बीजेपी को फायदा पहुंचने की संभावना है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में करीब 25 रैलियों में भाग लिया। अब देखना होगा कि भाजपा और विजयवर्गीय की मेहनत इंदौर की सीटों पर कितना रंग लाता है।