Madhya Pradesh Veerangana Tiger Reserve Officer: मध्य प्रदेश के वीरांगना टाइगर रिजर्व के पास सड़कों पर कई बाघों और तेदुओं को शिकार की खोज में घूमते देखा गया है। पिछले एक महीने के बीच इस तरह की घटना सबसे ज्यादा झापन और मुहली देखने को मिली है। यहां कई बार मुख्य मार्ग पर बाघ घूमते हुए दिखाई दिए हैं। वहीं जबलपुर-सागर रोड पर रात के समय कई बार बाघ शिकार की खोज करते नजर आए। ऐसे में इस बीच वीरांगना रानीदुर्गावती टाइगर रिजर्व अधिकारी ने एक आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने रिजर्व मार्ग से रात के समय आवागमन पर रोक लगा दी।
टाइगर रिजर्व अधिकारी का आदेश
अधिकारी की तरफ से इसको लेकर एक आदेश भी जारी किया गया है। लोगों के बीच इस जानकारी के फैलाने के लिए आदेश के पम्फलेट बनवाए गए हैं, जिसे दिन के समय में लोगों के बीच बांटा जा रहा है। इस आदेश में साफ-साफ लफजों में कहा गया है कि एक अप्रैल से सूर्यास्त होने के बाद सूर्योदय होने तक रिजर्व मार्ग भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। आसान भाषा में कहे तो रात के समय में रिजर्व मार्ग से भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक रहेगी। इस रोड पर रात के समय सिर्फ कुछ इमरजेंसी गाड़ियों को ही एंट्री मिलेगी और उन्हें भी इस रोड पर 20 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ही गाड़ी चलानी होगी। इसके साथ ही रोड पर रात में गाड़ी का हार्न नहीं बजा सकते। इसके अलावा गाड़ी से किसी तरह का कचरा नहीं फेंक सकते।
रात के समय गाड़ियों की एंट्री पर बैन
आदेश में बताया गया है कि रिजर्व रोड एक संरक्षित एरिया है, जहां रात के समय गाड़ियों की एंट्री बैन है। इसका कारण यह है कि रास्ते में कभी भी अचानक वन्यजीव आ सकते हैं, जिससे गाड़ी चालक और वन्यजीव दोनों को ही नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही हिदायत दी गई है कि अगर किसी ने भी इन नियमों का उल्लंघन किया तो उस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।