महाकाल मंदिर में भ्रष्टाचार का खुलासा, 3 करोड़ से अधिक का चूना, 2 कर्मचारी अरेस्ट

Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को अरेस्ट किया है।

Mahakal Temple Corruption

Mahakal Temple Corruption

Mahakal Temple Corruption: महाकाल की नगरी उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरा आघात हुआ है। मंदिर में सालों से जारी भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। जिला प्रशासन और पुलिस की जांच में दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए का अवैध ट्रांजैक्शन पाया गया है। महाकालेश्वर मंदिर हर साल करीब 100 करोड़ रुपए की आय अर्जित करता है, जिसमें दान, लड्डू प्रसाद, शीघ्र दर्शन और अभिषेक की राशि शामिल है।

कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से मंदिर की आमदनी में गिरावट दर्ज हो रही थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि मंदिर के दो कर्मचारी विनोद चौकसे और राकेश श्रीवास्तव श्रद्धालुओं से अवैध रूप से पैसा वसूल रहे थे। इनके बैंक खातों में लाखों रुपए का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन मिला है।

दोषी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त

महाकाल मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया महाकालेश्वर मंदिर में भ्रष्टाचार की खबरें सामने आने के बाद सख्त कदम उठाए गए। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महाकाल थाने में इस मामले में गुरुवार को एफआईआर दर्ज की गई। प्रशासन ने पुष्टि की है कि दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मंदिर समिति इनकी संलिप्तता पर जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

3 करोड़ 80 लाख रुपये का भ्रष्टाचार

कलेक्टर ने आगे बताया मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के मुताबिक आय का आकलन किया गया। इसमें लगभग 3 करोड़ 80 लाख रुपये की आमदनी कम हुई। महाकाल थाने में इस मामले में गुरुवार को एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जिसमें पुरोहित और उसके प्रतिनिधियों को अरेस्ट किया गया है।

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