राज्यसभा उपचुनाव: हरदीप सिंह पुरी ने दाखिल किया नामांकन, एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. इस बीच कांग्रेस ने भोपाल में पुरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके नाम को जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में सामने आने का आरोप लगाया.
मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहे.
मध्य प्रदेश में 12 नवंबर को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में पुरी विधानसभा भवन पहुंचे और अपना नामांकन पत्र जमा किया. पुरी सुबह करीब 11 बजे विधानसभा भवन पहुंचे. राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई थी. भाजपा ने उन्हें उस सीट से उम्मीदवार बनाया है, जो केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी.
विज्ञापन
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
एल. मुरुगन ने इसी महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उनका राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था. मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं. इनमें से एक सीट खाली होने के बाद अब उस पर उपचुनाव कराया जा रहा है.
विज्ञापन
Today marks an important chapter in the long association that Lakshmi and I have with our brothers and sisters of Madhya Pradesh, the heart of India.
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, लेकिन फिलहाल विधायकों की संख्या 229 है. अदालत के एक फैसले के कारण कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा इस उपचुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे.
कांग्रेस ने भोपाल में फूंके हरदीप पुरी के पुतले
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन से एक दिन पहले शुक्रवार को कांग्रेस ने भोपाल में कई जगह प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने साकेत, संत हिरदाराम नगर, तुलसी नगर और सराफा चौक सहित कई इलाकों में पुरी के पुतले फूंके. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और बातचीत में हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया है. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया.