Digvijay Singh raised questions on EVM: मध्य प्रदेश में हार का सामना करने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पोस्टल बैलट में हमें 199 सीटों पर बढ़त मिली जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर ईवीएम काउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका। 3 दिसंबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। 230 विधानसभा सीटों वाली मध्य प्रदेश में भाजपा के खाते में 163 सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाब रही, जबकि कांग्रेस महज 66 सीटों पर सिमट गई।
दिग्विजय सिंह ने EVM पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया। उन्होंने रिजल्ट का आंकड़ा शेयर करते हुए लिखा, 'पोस्टल बैलेट (Postal ballots) के जरिए कांग्रेस को वोट देने वाले और हम पर भरोसा जताने वाले सभी मतदाताओं का धन्यवाद! तस्वीरों के आंकड़ों में एक प्रमाण है जो यह बताता है कि पोस्टल बैलेट के जरिए हमें यानी कांग्रेस को 199 सीटों पर बढ़त है। जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर ईवीएम काउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका। यह भी कहा जा सकता है कि जब तंत्र जीतता है तो जनता (यानी लोक) हार जाती है। हमें गर्व है कि हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं ने जी जान से कांग्रेस के लिए काम किया और लोकतंत्र के प्रति अपने विश्वास को पुख्ता किया।''

https://twitter.com/digvijaya_28/status/1731669406898360331
कमलना ने हार की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राज्य में हार के बाद समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ पराजित प्रत्याशियों को भी शामिल होने का आदेश दिया गया है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय, मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला जैसे अन्य कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे।
https://twitter.com/OfficeOfKNath/status/1731283732202426872
बैठक में विधानसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति पर बातें हो सकती है। कहा तो ये भी जा रहा है कि इसी बैठक में कांग्रेस विधायक दल का नेता भी चुन सकती है।
ये भी पढेंः कौन हैं राजेंद्र भारती, जिन्होंने एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया से दी शिकस्त
2018 में कांग्रेस को मिली थी 114 सीटें
पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2018 में कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की थी जो इस बार महज 66 सीटों पर सिमट गई। अब, विधानसभा में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस अपनी कमियों को तलाश में जुट गई है।
https://www.youtube.com/watch?v=gfCy3i1hU64
Digvijay Singh raised questions on EVM: मध्य प्रदेश में हार का सामना करने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पोस्टल बैलट में हमें 199 सीटों पर बढ़त मिली जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर ईवीएम काउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका। 3 दिसंबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। 230 विधानसभा सीटों वाली मध्य प्रदेश में भाजपा के खाते में 163 सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाब रही, जबकि कांग्रेस महज 66 सीटों पर सिमट गई।
दिग्विजय सिंह ने EVM पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया। उन्होंने रिजल्ट का आंकड़ा शेयर करते हुए लिखा, ‘पोस्टल बैलेट (Postal ballots) के जरिए कांग्रेस को वोट देने वाले और हम पर भरोसा जताने वाले सभी मतदाताओं का धन्यवाद! तस्वीरों के आंकड़ों में एक प्रमाण है जो यह बताता है कि पोस्टल बैलेट के जरिए हमें यानी कांग्रेस को 199 सीटों पर बढ़त है। जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर ईवीएम काउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका। यह भी कहा जा सकता है कि जब तंत्र जीतता है तो जनता (यानी लोक) हार जाती है। हमें गर्व है कि हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं ने जी जान से कांग्रेस के लिए काम किया और लोकतंत्र के प्रति अपने विश्वास को पुख्ता किया।”

https://twitter.com/digvijaya_28/status/1731669406898360331
कमलना ने हार की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राज्य में हार के बाद समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ पराजित प्रत्याशियों को भी शामिल होने का आदेश दिया गया है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय, मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला जैसे अन्य कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे।
बैठक में विधानसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति पर बातें हो सकती है। कहा तो ये भी जा रहा है कि इसी बैठक में कांग्रेस विधायक दल का नेता भी चुन सकती है।
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2018 में कांग्रेस को मिली थी 114 सीटें
पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2018 में कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की थी जो इस बार महज 66 सीटों पर सिमट गई। अब, विधानसभा में करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस अपनी कमियों को तलाश में जुट गई है।