भोपाल में 3 दिन बाद खत्म हुई सफाईकर्मियों की हड़ताल, सीएम यादव के आश्वासन पर माने कर्मचारी

भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बैठक के बाद सफाई कर्मचारियों ने तीन दिन पुरानी हड़ताल वापस ले ली. समझौते के तहत 25 दिन काम करने वाले कर्मचारियों को नियमितीकरण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा और दैनिक वेतनभोगियों को परमानेंट करने की प्रक्रिया एक महीने में पूरी करने का लक्ष्य है.

Bhopal Sanitation Workers Strike

भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म होने के बाद अधिकारी सड़क पर झाड़ू लगाकर सफाई करते हुए. (Image- X)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार देर रात खत्म हो गई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ यूनियन प्रतिनिधियों की बैठक में मांगों पर सहमति मिलने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन वापस ले लिया. शनिवार को शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार खुद 10 नंबर मार्केट पहुंचे और झाड़ू लगाकर सफाई अभियान शुरू किया.

विज्ञापन

मंत्रालय से पॉश इलाकों तक फैली गंदगी

हड़ताल का असर आम रिहायशी इलाकों के साथ वीआईपी क्षेत्रों में भी दिखा. मंत्रालय और वल्लभ भवन के आसपास डस्टबिन भर गए और कचरा सड़कों पर फैल गया. चार इमली में मंत्रियों और बड़े आईएएस अधिकारियों के बंगलों के पास हनुमान मंदिर और साईं मंदिर के आसपास भी कचरे के ढेर लग गए. अटल पथ, जहां दो दिन पहले बीजेपी की बड़ी रैली हुई थी, वहां भी सफाई नहीं हुई. कोलार रोड और बुधवारा बाजार में कचरे के साथ मृत जानवर भी पड़े मिले.

विज्ञापन

पानी की सप्लाई पर भी पड़ा असर

आंदोलन के कारण नगर निगम का कामकाज प्रभावित हुआ. अटल भवन स्थित निगम मुख्यालय पर ताला लगने से 85 वार्डों और 21 जोन का काम ठप हो गया. कर्मचारियों ने गुरुवार को पानी की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी थी. शुक्रवार को कई इलाकों में नल नहीं खुले और टैंकरों से पानी पहुंचाने का काम भी बंद रहा. इस दौरान शहर में करीब 2,550 टन कचरा जमा हो गया. कई जगह लोगों ने कचरा जलाना शुरू कर दिया, जिससे प्रदूषण बढ़ा.

वेतन और परमानेंट नौकरी पर बनी सहमति

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट और प्रदेश मंत्री वसी सुल्तान के नेतृत्व में आंदोलन हुआ था. समझौते के तहत 25 दिन काम करने वाले कर्मचारियों को नियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. उनका वेतन 18 से 20 हजार रुपये तक हो सकता है, जबकि यूनियन 25 हजार रुपये की मांग कर रही थी. 29 दिन काम करने वाले और डेली वेतनभोगियों को परमानेंट करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी. इसे पूरा करने के लिए एक महीने का समय तय हुआ है. कमेटी में यूनियन पदाधिकारी भी शामिल होंगे. हड़ताल का असर शिवपुरी और विदिशा में भी रहा. सिरोंज में विधायक उमाकांत शर्मा ने खुद झाड़ू लगाई, जबकि राजगढ़ के खिलचीपुर में दुकानदार दिनेश कुमार नामदेव ने बाजार की सफाई की. नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहतर होने के कारण वह अपने संसाधनों से वेतन और भत्तों का खर्च उठा सकता है. दिवाली से पहले बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर एक महीने में समाधान का रास्ता निकाला गया. हड़ताल खत्म होने के बाद कर्मचारी सफाई के काम पर लौट आए और प्रशासन ने व्यवस्था नॉर्मल करने की कोशिश शुरू कर दी.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ