मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की एक विशेष अदालत ने पांच नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में अखबार के पूर्व मालिक प्यारे मियां को 10 अलग-अलग उम्रकैद की सजाएं सुनाई हैं. 78 वर्षीय प्यारे मियां पर अदालत ने 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह जानकारी अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी ने मंगलवार को दी. इस मामले में अदालत ने प्यारे मियां की सहयोगी राबिया बी को भी 20 साल की कैद की सजा सुनाई है. यह फैसला यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत ने सुनाया.
प्यारे मियां को मिली 10 उम्रकैद की सजा
अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्यारे मियां को पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है. उसे सुनाई गई 10 उम्रकैद की सजाओं में से आठ सजाएं उसके जीवन के अंतिम समय तक जेल में रहने की हैं, जबकि दो अन्य उम्रकैद की सजाएं हैं. अदालत ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है. अभियोजन पक्ष का कहना है कि प्यारे मियां वर्ष 2014 से नाबालिग लड़कियों को अपना निशाना बना रहा था. वह लड़कियों को हर महीने 10,000 रुपये वेतन पर नौकरी देने का लालच देता था. इसके बाद वह उनका यौन उत्पीड़न करता और उनके साथ दुष्कर्म करता था. राबिया बी उसकी इन आपराधिक गतिविधियों में मदद करती थी.
2020 में सामने आया था मामला
यह मामला 11 जुलाई 2020 को सामने आया था. एक पीड़िता ने परामर्श सत्र के दौरान अपने साथ हुए शोषण की जानकारी दी थी. उसने बताया था कि उसे भोपाल के शाहपुरा इलाके में स्थित एक फ्लैट पर एक लड़की का जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था. वहां उसे जबरन शराब पिलाई गई और प्यारे मियां ने उसका यौन उत्पीड़न किया. इसके बाद कई अन्य नाबालिग लड़कियों ने भी इसी तरह के शोषण की घटनाओं का खुलासा किया. विशेष लोक अभियोजक पी. एन. सिंह राजपूत के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच के बाद अखबार के पूर्व मालिक प्यारे मियां को गिरफ्तार किया था. बाद में राबिया बी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाया गया. अदालत में आरोप साबित होने के बाद प्यारे मियां को 10 अलग-अलग उम्रकैद की सजाएं सुनाई गईं.