आख‍िर श‍िमला में क्‍यों मचा बवाल, अपनी ही सरकार से टकराए पूर्व राजा के बेटे! क्‍यों सड़क पर है जनता?

Shimla Sanjauli Mosque Case : हिमाचल प्रदेश में अवैध निर्माण को लेकर कांग्रेस की सरकार घिरती नजर आ रही है। मंत्रियों को सत्ता पक्ष से ज्यादा विपक्षी नेताओं का सपोर्ट मिल रहा है। हिंदू संगठनों ने भी सरकार से अवैध निर्माण तोड़ने की मांग की है।

Vikramaditya Singh-Sukhwinder Singh Sukhu

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और मंत्री विक्रमादित्य सिंह। (File Photo)

Shimla Illegal Construction Case : हिमाचल प्रदेश में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में राजा वीरभद्र सिंह के बेटे और कांग्रेस के मंत्री विक्रमादित्य सिंह अपनी ही सरकार से टकरा गए। उन्होंने सदन में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने भी उनका समर्थन किया। इस पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि किन कारणों से ऐसी स्थिति उपजी, उसकी जांच की जा रही है। लोगों ने अवैध निर्माण तोड़ने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?

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अवैध निर्माण पर क्या बोले विक्रमादित्य सिंह?

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में शिमला के संजौली उपनगर में अवैध रूप से बने मस्जिद को तोड़ने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में सबके लिए मोहब्बत है और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है। यहां अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के तहत सरकार की ओर से कार्रवाई की जाएगी। धर्म के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक आईडी लेकर लोग हिमाचल प्रदेश आ रहे हैं, जो राज्य की आतंरिक सुरक्षा के लिए प्रश्नचिह्न है।

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सीएम ने नहीं दिया स्पष्ट निर्देश

हालांकि, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्देश नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान है। कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। संजौली में अवैध मस्जिद का मामला क्या है, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विक्रमादित्य सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि संजौली मार्केट में लव जिहाद जैसे मामले हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना परमिशन 5 मंजिलें बनीं तो अवैध निर्माण का बिजली-पानी क्यों नहीं काटा गया।

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विक्रमादित्य सिंह को मिला विपक्ष का साथ

जब विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने अवैध निर्माण पर अपना स्टैंड रखा था तब विधानसभा में पक्ष से ज्यादा विपक्ष के नेताओं ने सपोर्ट किया। इस पर पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर कहा कि इसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला तब ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस बीजेपी की भाषा बोल रही है। मोहब्बत की दुकान में नफरत ही नफरत है। उन्होंने पूछा कि हिमाचल में बीजेपी की सरकार है या कांग्रेस की। इस पर विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने ओवैसी को जवाब दिया।

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जानें क्या है पूरा मामला?

शिमला के संजौली में मस्जिद को एक मंजिल की अनुमति मिली थी, लेकिन 5 मंजिलें बनाई गईं। संजौली बाजार में हिंदू संठगनों ने अवैध निर्माण के खिलाफ मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की। इस पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इसे लेकर पूरे इलाकों में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। हालांकि, कोर्ट में अवैध मस्जिद का मामला विचाराधीन है।

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