Himachal Pradesh Keratpur-Manali Expressway: देश भर में कई हाईवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे भारत को एक धागे में बांधा जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसे भारतमाला परियोजना का नाम दिया है। इस परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश में भी खूबसूरत एक्सप्रेसवे बनने वाला है, जो पहाड़ों के नीचे से होकर गुजरेगा। 85 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे को अमली जामा पहनाने के लिए 68 सुरंगें बनाई जा रही हैं।
क्यों पड़ी जरूरत?
दरअसल हिमाचल प्रदेश में कई खूबसूरत हिल स्टेशन्स मौजूद हैं। मगर बरसात के मौसम में जहां पहाड़ों पर जाना खतरे से खाली नहीं है, वहीं सर्दियों में हिमाचल की ज्यादातर जगहों पर भीषण बर्फबारी होती है। इससे मनाली, शिमला समेत कई जगहों पर आवागमन ठप हो जाता है। ऐसे में नया एक्सप्रेसवे न सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होगा बल्कि बर्फबारी में भी हिल स्टेशन्स का रास्ता खुला रहेगा।
4 लेन का हाईवे
यह नया एक्सप्रेसवे हिमाचल प्रदेश में पठानकोट-मंडी, कालका-शिमला, शिमला-मटौर, कीरतपुर-मनाली और पिंजौर-नालागढ़ को जोड़ेगा। 85 किलोमीटर का यह 4 लेन हाईवे पूरी तरह से अंडरग्राउंड होगा। इसके लिए पहाड़ों के नीचे 68 सुरंगे बनाई जाएंगी। बता दें कि 41 किलोमीटर के कीरतपुर-मनाली हाईवे के लिए ही 28 सुरंगें खोदी जाएंगी।
NHAI ने लिया फैसला
पिछले साल बारिश के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी आपदा देखने को मिली थी। कीरतपुर, मनाली, कुल्लू और मंडी हाईवे पर तेज बारिश और तूफान में भयंकर तबाही मचाई थी। इसे ध्यान में रखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सुरंग बनाने का फैसला किया है।
13 घंटे कम लगेगा समय
यह एक्सप्रेसवे बनने के बाद 126 किलोमीटर तक की दूरी कम हो जाएगी। इससे 13 घंटे का समय कम लगेगा। खबरों की मानें तो यहां 11 टनल्स का काम पूरा हो चुका है। वहीं 27 सुरंगों पर काम चल रहा है। सभी 68 सुरंगें बनने के बाद लोग किसी भी मौसम में हिमाचल प्रदेश की सैर कर सकेंगे।