राधिका की हत्या उसके पिता ने घर में ही 4 गोलियां मारकर की थी।
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Radhika Yadav Postmortom Report: टेनिस खिलाड़ी Radhika Yadav की हत्या के पीछे तीन कारण सामने आ रहे हैं, उनमें एक कारण यह है कि उसके पिता दीपक यादव को उसके गांववालों ने 'गिरा हुआ बाप' कहते हुए बेटी की कमाई पर पलने वाला कहते हुए ताने दिए थे। वहीं, एक कारण यह था कि दीपक यादव को बेटी राधिका का म्यूजिक वीडियो पसंद नहीं आया था, उसने उसे इंस्टाग्राम से हटाने के लिए दवाब बनाया था। वहीं, एक कारण कोचिंग अकादमी को लेकर बाप-बेटी को लेकर चल रहा विवाद था।
बेहतर थी राधिका यादव की रैकिंग
इंडिया टुडे के अनुसार, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) यशवंत यादव ने बताया कि राधिका के पिता ने बेटी की टेनिस ट्रेनिंग पर 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए। 25 वर्षीय राधिका ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लिया था। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने गर्ल्स अंडर-18 में 75वीं, महिला युगल में 53वीं और महिला एकल में 35वीं रैंकिंग हासिल की, जो उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।
दीपक यादव कितनी संपत्ति का मालिक
दीपक यादव अपनी पत्नी और बेटी के साथ गुड़गांव के सुशांत लोक-2 स्थित अपने दो मंजिला घर की पहली मंजिल पर रहते थे। शहर में उनकी कई संपत्तियां थीं और किराये से उन्हें हर महीने 15-17 लाख रुपये की कमाई होती थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक के पास गुरुग्राम की कई संपत्तियों से किराया मिलता है। उसके पास एक आलीशान फार्महाउस है और गांव में हर कोई जानता है कि वह बहुत अमीर है।"
दीपक यादव का कबूलनामा झूठा कैसे?
राधिका यादव की 10 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिता दीपक ने कथित तौर पर पुलिस के सामने हत्या की बात कबूलते हुए कहा था कि उसने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से राधिका पर पांच गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन उसे लगीं और उसकी मौत हो गई। वहीं, बीते दिन आई राधिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह दावा झूठा निकला। राधिका को तीन नहीं चार गोलियां सीने पर मारी गईं थीं। इंडिया टुडे के मुताबिक, सरकारी अस्पताल के बोर्ड के सदस्य और सर्जन डॉ. दीपक माथुर ने इसकी पुष्टि की। सभी गोलियां शरीर से निकाल ली गई हैं और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दी गई हैं। एक गोली आर-पार निकल गई थी, जिससे दो जगहों पर जख्म हो गए, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
दीपक यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
गुरुग्राम कोर्ट ने राधिका मर्डर के आरोपी पिता दीपक यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी से एक दिन की कस्टडी में हुई पूछताछ की जानकारी दी और बताया कि अभी पूछताछ के लिए आगे की फिलहाल जरूरत नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कहा जा रहा है कि दीपक के पास एक लाइसेंसी .32 बोर की रिवॉल्वर थी, जिसका इस्तेमाल उसने बेटी की हत्या में किया था। उसके एक परिचित ने बताया, "सिर्फ़ अच्छे संपर्क और पैसे वाले लोग ही इस तरह का लाइसेंस हासिल कर सकते हैं। कोई भी आम आदमी इसे नहीं रखता।
राधिका ने चाचा ने सुनी थी गोली की आवाज
टेनिस खिलाड़ी के चाचा कुलदीप यादव ने सबसे पहले गोली चलने की आवाज सुनी थी। 10 जुलाई को सुबह करीब साढ़े 10 बजे गोली की आवाज सुनते ही वह पहली मंजिल पर दौड़े और देखा कि राधिका रसोई में पड़ी थी और रिवॉल्वर ड्राइंग रूम में मिली थी।
कुलदीप ने एफआईआर में कहा, "इसके बाद मेरा बेटा पीयूष यादव भी पहली मंजिल पर पहुंचा। हम दोनों ने राधिका को उठाया और अपनी कार से उसे गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित एशिया मैरिंगो अस्पताल ले गए। जांच के बाद डॉक्टर ने मेरी भतीजी को मृत घोषित कर दिया।"
एल्विश यादव जैसी इन्फ्लुएंसर बनना चाहती थी राधिका
इंडिया टुडे के अनुसार, राधिका यादव कंधे में चोट के कारण सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती थी। एल्विश यादव की तरह वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनना चाहती थी। उसने दीपक से कहा, पापा, मेरे दिमाग में काफी कंटेंट है। मैंने काफी खेल लिया है। अब मैं पैसे कमाऊंगी, लेकिन उसके पिता को यह मंजूर नहीं था। हालांकि कथित तौर पर जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि राधिका के सोशल मीडिया अकाउंट किसने डिलीट किए। एसीपी यशवंत ने कहा, "हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या परिवार का कोई और सदस्य भी इस हत्या में शामिल था।"
तानों से दीपक के सम्मान को पहुंची ठेस
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ के दौरान, दीपक ने बताया कि कंधे में चोट लगने के बाद उसकी बेटी ने एक टेनिस अकादमी खोली थी। उसने पुलिस को बताया कि जब भी वह वज़ीराबाद स्थित अपने गांव जाता था तो उसका मज़ाक उड़ाया जाता था कि वह "अपनी बेटी की कमाई पर गुज़ारा कर रहा है।" तानों से उसके "सम्मान" को ठेस पहुंची है और उसने दावा किया कि वह पिछले 15 दिनों से अवसादग्रस्त था। एसीपी यादव ने कहा, "वह चाहते थे कि वह अकादमी बंद कर दे, लेकिन उसने मना कर दिया। इसी विवाद में आखिरकार उसने उसे गोली मार दी।"
वारदात के वक्त मां मौके पर थी मौजूद
पुलिस के मुताबिक, हत्या के वक्त राधिका और दीपक के अलावा मां मंजू यादव भी घर पर मौजूद थीं। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति "जुनूनी" थे और चाहते थे कि उनकी बेटी अपनी टेनिस अकादमी बंद कर दे । मां ने कथित तौर पर कहा कि दीपक पिछले तीन दिनों से अकादमी को लेकर नाराज था और उसने राधिका को जान से मारने की धमकी भी दी थी। दीपक के परिचित ने अनुमान लगाया कि हत्या के पीछे कोई और कारण हो सकता है। वहीं, आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष पवन यादव के मुताबिक, कुछ लोग राधिका की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर रहे थे।
बेटी से बहुत प्यार करता था दीपक यादव
सुशांत लोक एक्सटेंशन आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष पवन यादव के मुताबिक, दीपक यादव अपनी बेटी से बहुत प्यार करता था। एक परिचित ने बताया कि दीपक ने बेटी को टेनिस सिखाने के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी थी। उसने अपनी बेटी के लिए दो लाख रुपए के टेनिस रैकेट खरीदे थे। वो अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है। हत्या के पीछे टेनिस या टेनिस अकादमी नहीं, बल्कि कोई निजी वजह हो सकती है।