Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा चुनाव के प्रचार में अब दो ही दिन शेष रह गए हैं। एक तरफ बीजेपी ने तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है, तो वहीं दूसरी ओर आखिरी दिनों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हरियाणा संकल्प यात्रा के जरिए कांग्रेस की वापसी सुनिश्चित करने में जुटे हैं। इस बीच बीजेपी के पोस्टर की चारों ओर चर्चा हो रही है। हरियाणा में 10 में से 9 साल तक सरकार के चेहरा रहे मनोहरलाल खट्टर इन दिनों बीजेपी के पोस्टरों से पूरी तरह गायब है। ऐसे में सवाल यह है कि खट्टर बीजेपी के स्टार प्रचारक तो है, लेकिन पोस्टर से गायब है। आइये जानते हैं ऐसा क्यों हो रहा है?
लोकसभा चुनाव से ऐन पहले बीजेपी ने हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की जगह पर नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। इस बदलाव के जरिए पार्टी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पर बढ़त हासिल करना चाहती थी, लेकिन पार्टी को इस बदलाव का खास फायदा नहीं मिला। पार्टी ने खट्टर को चुनाव लड़वाया, हालांकि वे करनाल से जीतकर सांसद बने। इसके बाद उन्हें मोदी कैबिनेट में शहरी और आवास मामलों का मंत्री भी बनाया गया है।
पीएम मोदी का फोटो भी छोटा
बीजेपी के पोस्टरों में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हर बार की तरह इस बार हरियाणा में पार्टी के पोस्टर में पीएम मोदी की फोटो तो हैं, लेकिन अन्य चुनावों की तुलना में थोड़ी छोटी है। इस बार बीजेपी के पोस्टरों में आम आदमी का चेहरा सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर ने नई रणनीति बनाने को मजबूर किया है।
पोस्टरों में आम लोगों को तवज्जो
लोकसभा चुनाव के बाद सीएम सैनी ने बजट के जरिए लोककल्याणकारी योजनाएं लाकर सरकार के प्रति गुस्से को कम करने की कोशिश की। उन्होंने सबसे पहले हरियाणा अंत्योदय परिवार कार्ड योजना लाॅन्च की। चुनाव में प्रचार के तौर पर भी एक परिवार के चेहरे को ही पोस्टर पर दिखाया गया है। इसके बारे में बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद सत्ता विरोधी लहर बनना स्वाभाविक है। सीएम का चेहरा बदलने और नई रणनीति से काम करने की जरूरत थी। जो हम कर रहे हैं।
पोस्टर ही नहीं भाषणों से भी गायब
मनोहरलाल खट्टर के नाम पर हरियाणा में गुस्सा इस कदर है कि बीजेपी प्रत्याशी उनका नाम लेना तक पसंद नहीं कर रहे हैं। गुरुग्राम के बादशाहपुर से चुनाव लड़ रहे राव नरबीर सिंह अपने भाषणों में सीएम सैनी की जमकर तारीफ कर रहे हैं, लेकिन खट्टर के नाम का जिक्र तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हरियाणा में पार्टी के प्रचार में जुटे पूर्व सीएम को पोस्टरों और भाषणों से दरकिनार कर पार्टी अपने प्रति जनता में बने गुस्से को किस हद तक कम कर पाती है।