हरियाणा के पंचकूला में सोमवार देर रात दिल्ली के बुराड़ी जैसा मामला सामने आया। दरअसल, पंचकूला में मित्तल परिवार के 7 सदस्यों ने एक साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ऐसा ही माला 7 साल पहले दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सामने आया था, जब एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने सामूहिक रूप से फांसी लगाकर जान दे दी थी। बताया जा रहा है कि मूल रूप से हरियाणा के हिसार के रहने वाले प्रवीण मित्तल कर्ज से परेशान होकर अपने परिवार के 6 अन्य सदस्यों के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
क्यों की आत्महत्या?
दरअसल, मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले का रहने वाला मित्तल परिवार फिलहाल उत्तराखंड के देहरादून में रह रहा था। कारोबारी प्रवीण मित्तल पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था, जिसके चलते उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। जिससे परेशान होकर वे परिवार सहित देहरादून चले गए थे। पुलिस इस सामूहिक आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। इस बीच मृत कारोबारी प्रवीण मित्तल के चचेरे भाई संदीप अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि प्रवीण मित्तल बड़े कारोबारी थे। प्रवीण मित्तल की बद्दी में एक स्क्रैप फैक्ट्री थी, जिसपर लगभग 20 करोड़ का कर्ज हो गया था। बढ़ते कर्ज के कारण बैंक ने फैक्ट्री और 2 फ्लैट पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद भी उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। इसलिए वह परिवार सहित चुपचाप देहरादून शिफ्ट हो गए। संदीप अग्रवाल के मुताबिक, 5 साल देहरादून में रहने के दौरान उन्होंने किसी से भी संपर्क नहीं किया। फिर तीन साल पहले अचानक लौट आए और मोहाली के खरड़ में रहने लगे। उनके लौटने के बाद एक बार फिर से लोग कर्ज वापसी के लिए दबाव बनाने लगे थे।
कार से मिला सुसाइड नोट
इसी बीच सोमवार को प्रवीण के परिवार समेत सुसाइड की खबर मिली। संदीप ने बताया कि अभी 5 दिन पहले ही उनकी प्रवीण से बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह पंचकुला के सकेतड़ी के पास ही कहीं रह रहे थे। बागेश्वर धाम की कथा सुनने के बाद वापसी के दौरान पंचकूला में एक सड़क किनारे वे रुके और कार में ही सभी लोगों ने जहर खा लिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी 7 लोगों को सेक्टर-26 के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गई, जहां पर एक को छोड़कर बाकी सभी को मृत घोषित कर दिया गया। जो बचा था, उसने सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृत 7 लोगों में प्रवीण मित्तल और उनकी पत्नी, उनके 3 बच्चे और 2 बुजुर्ग शामिल हैं। पंचकुला पुलिस के मुताबिक, प्रवीण मित्तल की कार से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट के मुताबिक, मित्तल परिवार कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। प्रवीण मित्तल ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘मैं बैंक के कर्ज के कारण दिवालिया हो गया हूं। यह सब मेरी वजह से हुआ है। कृपया मेरे ससुर को दोष न दें।’ सुसाइड नोट में मित्तल ने यह भी अनुरोध किया कि अंतिम संस्कार उनके चचेरे भाई संदीप अग्रवाल द्वारा किया जाए।
टैक्सी चलाकर कर रहे थे गुजारा
संदीप अग्रवाल ने बताया कि कर्ज चुकता नहीं कर पाने की वजह से बैंक ने पहले ही उनके दो फ्लैट, गाड़ियां और फैक्ट्री जब्त कर लिया था। इसलिए उनके पास संपत्ति के नाम पर कुछ नहीं बचा था। ऐसे में प्रवीण अपने परिवार का पेट भरने के लिए चंडीगढ़ में टैक्सी चलाते थे। वहीं, प्रवीण के सामूहिक सुसाइड की खबर से देहरादून में उनके पड़ोस में रहे लोग भी हैरान हैं। पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि प्रवीण मित्तल को कोई आर्थिक परेशानी है या वे कर्ज में डूबे हुए हैं। पड़ोसी अजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि ऐसा कुछ हो सकता है।
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