हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

गुजरात में पहली बार ड्रोन से मच्छर होंगे Gone, जानें क्या है सूरत नगर निगम की नई तकनीक

गुजरात में पहली बार कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। सूरत नगर निगम ने पहली बार मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की पहल की है।

विज्ञापन
surat news

गुजरात के सूरत नगर निगम ने मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण शुरू किया है, जिसमें ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी के जरिए उन जगहों पर दवा बांटी जा रही है जहां कर्मचारी नहीं पहुंच सकते हैं। बता दें, रांदेर जोन के भेंसण क्षेत्र में ड्रोन की मदद से कीटनाशक का छिड़काव किया गया। नगर निगम ने पहली बार एआई-एमएल बेस्ड ड्रोन तकनीक का उपयोग करके मच्छर नियंत्रण अभियान (Mosquito Control Campaign) चलाया है।

विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही थीं शिकायतें

पिछले एक महीने से सूरत महानगर के अलग-अलग क्षेत्रों में मच्छरों के प्रकोप की व्यापक शिकायतें मिल रही हैं। शहरवासी मच्छरों के प्रकोप से परेशान हैं। सूरत नगर निगम ने अब मच्छर जनित महामारी को नियंत्रित करने के लिए एक नया प्रयोग किया है, जिसमें ड्रोन का उपयोग करके खेतों से लेकर दूरदराज के इलाकों तक कीटनाशकों का छिड़काव करके मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित किया जाएगा। ड्रोन कैमरों का उपयोग उन क्षेत्रों में निगरानी और दवा छिड़काव के लिए किया जाएगा, जहां सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच पाते। इसी के तहत भेंसण क्षेत्र में ड्रोन की मदद से कीटनाशक का छिड़काव किया गया। नगर निगम ने पहली बार एआई-एमएल बेस्ड ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर मच्छर नियंत्रण कार्य शुरू किया है।

सूरत नगर निगम की नई पहल

महापौर दक्षेशभाई मावाणी ने कहा कि इस क्षेत्र में मच्छरों की बहुत शिकायतें थीं। सूरत नगर निगम ने एक नई पहल की है जो ड्रोन के जरिए दवा का छिड़काव कर रही है। ड्रोन के जरिए निगरानी करवाएंगे और वहां दवा का छिड़काव करेंगे। नगर निगम आने वाले समय में इस ड्रोन का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने वाला है। मानसून के दौरान भी, जहां भी जलभराव होता है, वहां उन क्षेत्रों में निगरानी करवाएंगे। जहां छतों में पानी भरा होता है और उन क्षेत्रों में जाकर हम ड्रोन के जरिए दवा का छिड़काव करेंगे ताकि मच्छरों की उत्पत्ति कम हो। सामान्य दिनों में रिसाव के कारण रुके पानी से मलेरिया, फाइलेरिया और डेंगू जैसे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और मानसून के बाद यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। खासकर इसके नियंत्रण के लिए मच्छरों के लार्वा को 7 से 10 दिनों के भीतर खत्म करना बहुत जरूरी है।

विज्ञापन

ये भी पढे़ं-  21 की जान लेने वाले गुजरात अग्निकांड के आरोपी बाप-बेटा गिरफ्तार, जानें हादसे की इनसाइड स्टोरी

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola