Gujarat MSCS Increased Network: गुजरात में 50 से ज़्यादा मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ (MSCS) रजिस्टर्ड हैं और काम कर रहे हैं। साथ ही ये सभी को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ देश के 12 अलग-अलग राज्यों में भी चल रही है। इन MSCS की लिस्ट में कृषि, औद्योगिक, शहरी सहकारी बैंक (UCB), मार्केटिंग और वुमन ओरिएंटेड बिजनेस के सेक्टर शामिल है। ये सारी जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने हाल ही में संपन्न हुए शीतकालीन सत्र में गुजरात के राज्यसभा सांसद नरहरि अमीन के एक सवाल के जवाब में दी है।
केंद्रीय मंत्रालय ने दिया जवाब
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा कि देश में कुल 1,710 MSCS रजिस्टर्ड हैं, जिसमे से 50 से ज्यादा MSCS गुजरात की है। ये देश की कुल मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ का 3 प्रतिशत हिस्सा है।
केंद्र सरकार के दिए गए आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में रजिस्टर्ड MSCS में से 2 राष्ट्रीय सहकारी समितियां हैं। वहीं, 13 कृषि सहकारी समितियां, 12 शहरी सहकारी बैंक (यूसीबी), 6 आवास सहकारी समितियां, 6 ऋण और बचत सहकारी समितियां, 3 महासंघ सहकारी समितियां, 2 बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां, 2 उपभोक्ता सहकारी समितियां, 1 औद्योगिक सहकारी समिति, 1 विविध और गैर-ऋण सहकारी समिति, 1 सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक सहकारी समिति, 1 महिला कल्याण सहकारी समिति और 1 मार्केटिंग सहकारी समिति शामिल है।
12 राज्यों में फैला संचालन
अमीन के एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि गुजरात के MSCS का देश के 12 राज्यों संचालन हो रहा है। इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल है। मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ (MSCS) अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत रजिस्टर्ड सहकारी समितियां स्वायत्त सहकारी संगठनों के रूप में काम करती हैं।