ED की छापेमारी का दिखाया डर, गुजरात से सामने आई पुलिस वालों की काली करतूत
Gujarat Police: गुजरात के जूनागढ़ थाने के 3 पुलिसकर्मियों को व्यापारी से लाखों रुपये की उगाही करने पर सस्पेंड कर दिया गया है।
Edited By : Pooja Mishra|Updated: Mar 8, 2024 22:44
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गुजरात पुलिस
Gujarat Police: गुजरात पुलिस का एक के बाद एक भ्रष्ट चेहरा सामने आ रहा है। अभी 2 दिन पहले ही जूनागढ़ पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर मकवाना ने एक व्यापारी को रिश्वत न देने पर इतना मारा था कि उसकी मौत हो गई। अभी तक यह मामला थमा भी नहीं था कि जूनागढ़ पुलिस स्टेशन के 3 पुलिसकर्मियों को व्यापारी से लाखों रुपये की उगाही के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि यह तीनों पुलिसकर्मी व्यापारी से खाता अनफ्रीज करने के लिए 25 लाख रुपये मांग की।
व्यापारी का आरोप
सस्पेंड होने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान पुलिस इंस्पेक्टर अरविंद गोहिल, तरल भट्ट और ASI दीपक जानी के रूप में हुई है। आरोप है कि इन तीनों पुलिसकर्मी ने पहले जुए का एक गलत मामला रचा, फिर नोटिस भेजकर गलत रिकॉर्ड बनाए और इसके आधार पर 300 से ज्यादा अकाउंट फ्रीज कर दिए। अब ऐसे में केरल के एक व्यापारी का भी अकाउंट फ्रीज हो गया। इस व्यापारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस से अपना अकाउंट अनफ्रीज करने की मांग की। ऐसे में इन तीनों पुलिसकर्मियों ने इस व्यापारी से अकाउंट अनफ्रीज करने के लिए 25 लाख रुपये मांगे और पैसे न देने पर ED की छापेमारी की धमकी दी।
इसके बाद व्यापारी ने इसकी शिकायत रेंज आईजी से की। जैसे ही शिकायत रेंज आईजी के पास पहुंची, उन्होंने तुरंत इस पर एक्शन लेते हुए पुलिस इंस्पेक्टर गोहिल, तरल भट्ट और एएसआई दीपक नानी को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही इन तीनों के खिलाफ IPC की धारा 167, 465, 385, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Gujarat Police: गुजरात पुलिस का एक के बाद एक भ्रष्ट चेहरा सामने आ रहा है। अभी 2 दिन पहले ही जूनागढ़ पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर मकवाना ने एक व्यापारी को रिश्वत न देने पर इतना मारा था कि उसकी मौत हो गई। अभी तक यह मामला थमा भी नहीं था कि जूनागढ़ पुलिस स्टेशन के 3 पुलिसकर्मियों को व्यापारी से लाखों रुपये की उगाही के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि यह तीनों पुलिसकर्मी व्यापारी से खाता अनफ्रीज करने के लिए 25 लाख रुपये मांग की।
व्यापारी का आरोप
सस्पेंड होने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान पुलिस इंस्पेक्टर अरविंद गोहिल, तरल भट्ट और ASI दीपक जानी के रूप में हुई है। आरोप है कि इन तीनों पुलिसकर्मी ने पहले जुए का एक गलत मामला रचा, फिर नोटिस भेजकर गलत रिकॉर्ड बनाए और इसके आधार पर 300 से ज्यादा अकाउंट फ्रीज कर दिए। अब ऐसे में केरल के एक व्यापारी का भी अकाउंट फ्रीज हो गया। इस व्यापारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस से अपना अकाउंट अनफ्रीज करने की मांग की। ऐसे में इन तीनों पुलिसकर्मियों ने इस व्यापारी से अकाउंट अनफ्रीज करने के लिए 25 लाख रुपये मांगे और पैसे न देने पर ED की छापेमारी की धमकी दी।
इसके बाद व्यापारी ने इसकी शिकायत रेंज आईजी से की। जैसे ही शिकायत रेंज आईजी के पास पहुंची, उन्होंने तुरंत इस पर एक्शन लेते हुए पुलिस इंस्पेक्टर गोहिल, तरल भट्ट और एएसआई दीपक नानी को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही इन तीनों के खिलाफ IPC की धारा 167, 465, 385, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।