Gujarat की हाउसिंग सोसायटियों के लिए सरकार का बड़ा फैसला, इस समस्या का जल्द होगा समाधान

Gujarat Co-operative Societies New Rule: राज्य सरकार ने गुजरात में 30,000 से अधिक आवास और आवास सेवा समितियों के लिए ट्रांसफर फीस तय करने का एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने ट्रांसफर फीस की सीमा तय कर दी है और इसके लिए उससे संबंधित विवादों के स्थायी समाधान के लिए नए नियम बनाए हैं।

Co-operative Societies New Rule

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Gujarat Co-operative Societies New Rule: गुजरात में 30,000 से अधिक हाउसिंग और हाउसिंग सेवा सोसाइटी हैं और ऐसी सोसाइटीज का प्रबंधन को-ऑपरेटिव एक्ट के तहत किया जाता है। ऐसी सोसायटियों में जब भी कोई व्यक्ति मकान खरीदता है, तो सोसायटी उस व्यक्ति से ट्रांसफर फीस वसूलती है। सहकारिता मंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने बताया कि राज्य सरकार को शिकायतें मिल रही थीं कि सहकारी कानूनों और नियमों में इस तरह के ट्रांसफर फीस के प्रावधानों की कमी के कारण समितियां बड़े ट्रांसफर के लिए व्यक्तियों से मनमाने ढंग से शुल्क ले रही हैं।

सहकारिता मंत्री ने दी जानकारी 

सहकारिता मंत्री विश्वकर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने आवास और आवास सेवा समितियों में इस तरह की चीजों को रोकने के लिए ट्रांसफर से संबंधित जरूरी कानून और नियम बनाने का निर्णय लिया था, जिसके अनुपालन में साल 2024 में सहकारिता अधिनियम में संशोधन किया गया। आज राज्य सरकार ने सहकारिता अधिनियम में किए गए संशोधनों के तहत नियम तय किए हैं और उनके अनुसार, आवास और आवास सेवा समितियों में किसी भी मकान की खरीद/बिक्री के समय कुल मूल्य का 0.5 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर फीस नहीं लिया जा सकेगा।

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अब नहीं ले पाएंगे ज्यादा चार्ज

उन्होंने कहा कि इस ट्रांसफर फीस का प्रावधान अधिकतम है, ताकि आवास और आवास सेवा समितियां खुद इस राशि को कम कर सकें तथा अपने उपनियमों में इसका प्रावधान कर सकें, लेकिन किसी भी स्थिति में वे इस राशि से अधिक चार्ज नहीं ले सकेंगे। अब से हाउसिंग और हाउसिंग सेवा सोसाइटी में अध्यक्ष/मंत्री और समिति सदस्यों द्वारा मकान की खरीद/बिक्री के समय व्यक्तियों से ट्रांसफर फीस वसूलने की कार्रवाई से व्यक्तियों को बड़ी राहत मिलेगी।

इन नियमों के अनुसार, अगर संपत्ति बिना किसी प्रतिफल के किसी कानूनी उत्तराधिकारी को ट्रांसफर कर दी जाती है, तो भी कोई ट्रांसफर फीस नहीं लिया जा सकता है, तथा ट्रांसफर के समय समितियां किसी भी व्यक्ति से विकास शुल्क, दान या किसी अन्य नाम से कोई राशि नहीं ले सकती हैं। राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से जहां ऐसी सोसायटियों के कामकाज में नियमितता आएगी, वहीं भविष्य में इन सोसाइटियों से जुड़ने वाले लाखों सदस्यों को भी बड़ी राहत मिलेगी। राज्य सरकार के इस फैसले को स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है।

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