Gujarat CSR Expenditure 25% Increased: एक बार फिर से गुजरात के बिजनेस जगत में कमाल कर दिखाया है। दरअसल, केंद्रीय कॉर्पोरेट अफेयर मंत्रालय ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोसब्लिटी (CSR) खर्च 2022-23 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के कॉरपोरेट्स ने प्रोफिट के साथ CSR पर अपने खर्चे में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वित्त वर्ष 2022-23 में गुजरात का CSR खर्च 2,008.42 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है, इसी के साथ गुजरात CSR खर्च के मामले में टॉप की लिस्ट में शामिल हो गया है।
गुजरात के CSR खर्च में 25 प्रतिशत वृद्धि
इस लिस्ट में गुजरात दूसरे स्थान पर है, पहले स्थान पर महाराष्ट्र है, जिसका CSR खर्च 5,497.32 करोड़ रुपये है। पिछले साल गुजरात का CSR खर्च 1,604.26 करोड़ रुपये था, यानी इस साल गुजरात के CSR खर्च में 25.1 प्रतिशत वृद्धि हुई है। CSR एक्सपर्ट गुजरात की इस वृद्धि का श्रेय राज्य में पिछले 10 सालों मे स्थापित हुए बड़े उद्योगों की पर्याप्त संख्या को देते हैं। इन उद्योगों से में कई पिछले कुछ सालों से प्रॉफिट में चल रहे हैं। इसके अलावा MSME के साथ-साथ बड़ी कंपनियों की मजबूत उपस्थिति ने भी राज्य के CSR खर्च को बढ़ाया है।
कैसे बढ़ा गुजरात का CSR खर्च
गुजरात CSR अथॉरिटी के CEO पंकज कामलिया ने प्रदेश के CSR खर्च में हुई वृद्धि के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि राज्य के जिम्मेदार शासन संरचना और डेडिकेटेड CSR प्रोजेक्ट की टीमों के कारण CSR खर्च में वृद्धि हुई है। उन्होंने आगे कहा कि सोशल इफेक्ट और कम्युनिटी अपलिफ्टमेंट के लिए कॉर्पोरेट्स के बीच जिम्मेदारी की बढ़ती भावना साफ है। इसके राज्य में बढ़ते व्यवसायों के साथ, कुल खर्च भी बढ़ रहा है।