गुजरात के राजकोट लोक मेले को लेकर बड़ी खबर, भारी बारिश के चलते राज्य सरकार ने लिया ये फैसला

Rajkot Lok Mela Big Decision: राजकोट में भारत जन्माष्टमी लोक मेला सौराष्ट्र का सबसे बड़ा मेला है। राजकोट में इस समय लगातार बारिश हो रही है। इसी में अब मेले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है कि राज्य सरकार ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है।

Rajkot folk fair news

Rajkot folk fair news

Rajkot Lok Mela Big Decision: सौराष्ट्र के सबसे बड़े राजकोट लोक मेले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राजकोट में लगातार हो रही बारिश के बाद राज्य सरकार ने मेले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस साल का जन्माष्टमी मेला रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि राजकोट राज्य में पिछले तीन दिनों से भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते राज्य सरकार ने मेला रद्द करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मेला स्टॉल धारकों का किराया और जमा पैसे वापस कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने पूरा रिफंड देने की घोषणा की है। मेले के आयोजन की व्यवस्था पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

विज्ञापन

रेस कोर्स मैदान में भरा पानी

पिछले 48 घंटों में 46 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप मेला रद्द कर दिया गया है, स्टॉल धारक और सवारी धारक रिफंड की मांग कर रहे हैं। हालांकि, रेसकोर्स ग्राउंड में लगने वाला यह लोक मेला इस साल पहले से ही विवादों में था, पहले भी मैकेनिकल सवारी को लेकर विवाद हुआ था। राजकोट में लगातार बारिश हो रही है।

विज्ञापन

तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश

पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पूरे रेस कोर्स मैदान में पानी भर गया और मेला शुरू नहीं हो सका। इन सभी मुद्दों को लेकर मेले के स्टॉल धारकों के साथ विधायक उदय कांगड़ द्वारा जिला कलक्टर से मांग की गई थी। प्लॉट धारकों की मांग थी कि बारिश के कारण मेला शुरू नहीं हुआ और स्थायी रूप से बंद हो गया है, इसलिए उन्हें रिफंड दिया जाए। राज्य सरकार ने मेला रद्द करने और प्लॉट धारकों को रिफंड देने का फैसला किया है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ