भीड़ के कारण टूटा था पुल
प्रारंभिक जांच से पता चला कि भीड़भाड़ के कारण पुल टूट गया था। घटना के करीब 7 महीने पहले इसे नवीनीकरण और मरम्मतकार्य के लिए बंद किया गया था। घटना के पांच दिन पहले गुजरात नववर्ष पर इसे जनता के लिए खोल दिया गया था। बता दें कि इस ब्रिज के रिनोवेशन का काम दीवार घड़ी और ई-बाइक बनाने वाली एक निजी कंपनी ओरेवा को दिया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा (नाम न छापने की शर्त पर) फर्म और मोरबी नागरिक अधिकारियों के बीच समझौते में कुछ प्रक्रियात्मक खामियां उजागर हुई थीं। पिछले हफ्ते गुजरात सरकार ने मोरबी नगर पालिका के मुख्य अधिकारी संदीप सिंह जाला को 'निष्पक्ष और उचित जांच सुनिश्चित करने' के लिए निलंबित कर दिया था। इससे पहले सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस त्रासदी ने 'भाजपा के 27 साल के शासन के कुशासन को उजागर कर दिया है।' वहीं, आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल ने भी हादसे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा था। अभी पढ़ें - ‘गोवा, पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए AAP को फंड दिया’, चौथी चिट्ठी में ठग सुकेश चंद्रशेखर का दावा बता दें कि गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वह ठोस कार्रवाई देखना चाहती है और अधिकारियों को 14 नवंबर तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।अभी पढ़ें - प्रदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
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