अहमदाबाद से भूपेंद्रसिंह ठाकुर की रिपोर्ट।
Ahmedabad Nagar Nigam: अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में टेक्निकल सुपरवाइजर की भर्ती में घोटाला सामने आया है। नगर निगम के सेंट्रल ऑफिस के हेड क्लर्क ने अपने कंप्यूटर में 3 कैंडिडेट्स के मार्क्स 18 से 20 नंबर तक बढ़ाकर 85 से 90 तक कर दिया। हालांकि इस पोस्ट के लिए 93 कैंडिडेट्स की पसंदगी की गई थी। घोटाला करने वाले हेड क्लर्क पुलकित सथवारा को सस्पेंड कर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। जिसके बाद अहमदाबाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के उसके डेस्क पर ले जाकर उसके क्राइम का रिकंस्ट्रक्शन तक किया।
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में टेक्निकल सुपरवाइजर की परीक्षा 18 अगस्त को हुई थी। परीक्षा में बैठने वाले सभी कैंडिडेट की आंसर शीट जांच के लिए यूनिवर्सिटी भेजी गई थी और वहां से फाइनल परिणाम घोषित होने के बाद हेड क्लर्क पुलकित सथवारा का काम कंप्यूटर में डेटा बनाकर रिजल्ट्स शीट बनाना था। उसी दौरान उसने 3 कैंडिडेट्स के मार्क्स 4 से 5 गुना ज्यादा बढ़ाकर उस शीट को यूनिवर्सिटी भेजकर उस पर यूनिवर्सिटी के सही सिक्के तक लगवा दिए थे। उसने तीनों कैंडिडेट्स के मार्क्स उतने बढ़ा दिए थे जितने मार्क्स का कट ऑफ तय किया गया था।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
हालांकि इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब परीक्षा में फैल एक कैंडिडेट की परिचित तमन्ना कुमारी ने प्रोविजनल आंसर की के बाद का रिजल्ट चेक करने कहा था। उसी कैंडिडेट को चेकिंग के दौरान मार्क्स में कुछ गड़बड़ी दिखी तो उसने उसके पास मौजूद आंसर शीट के साथ म्युनिसिपल कमिश्नर को पत्र लिखा। इसके साथ ही गुजरात हाइकोर्ट में मार्क्स से हुई छेड़खानी की पिटिशन दाखिल की। जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए तो एक घोटाला सामने आया।
2 साल में हुई भर्तियों के जांच के आदेश
हालांकि पुलिस अब जांच में जुटी है और परीक्षा देने वाले सभी 3000 कैंडिडेट्स के साथ जिन 3 कैंडिडेट्स के मार्क्स बढ़ाए गए उनकी भी जांच करेगी। वहीं दूसरी और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने बीते 2 वर्ष के दौरान हुई भर्ती परीक्षा के परिणाम की भी इसी तरह जांच के आदेश दिए है, साथ ही भर्ती परीक्षा में शामिल एजेंसी के पास मौजूद असल आंसर शीट जांच कराने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं।