पालघर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां महाराष्ट्र पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर गिफ्ट कार्ड और डिजिटल करेंसी के जरिए ठगी कर रहा था. पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पालघर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पालघर पश्चिम के माहिम इलाके में एक रिहायशी इमारत में अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है. इस कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों को ठगा जा रहा था.
सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा की टीम गठित की गई. पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील के नेतृत्व में 24 फरवरी 2026 की रात करीब 12 बजकर 10 मिनट पर फिया एकांत बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 303 पर विधिवत छापा मारा गया. छापेमारी के दौरान फ्लैट में पांच लोग मौजूद मिले, जो कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे. पुलिस ने मौके से लगभग 5 लाख 72 हजार रुपये कीमत का सामान जब्त किया है. इसमें 4 लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, एक टीपी-लिंक राउटर और एयरटेल डोंगल शामिल हैं.
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरत लोकु लालवानी (ठाणे), रोहित राजेंद्र निंबाळकर (पुणे), रोहित मिलिंद झोहे (ठाणे), अमरदीप अंग्रेज गिल (पंजाब), सागर बलदेव पाठडिया (सूरत) के रूप में हुई है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अमेरिका के नागरिकों के मोबाइल नंबर और अन्य निजी जानकारी अवैध रूप से जुटाते थे. इसके बाद वे खुद को माइक्रोसॉफ्ट या एप्पल कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते थे.
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वे पीड़ितों को यह कहकर डराते थे कि उनके डिवाइस में वायरस घुस गया है या सिस्टम हैक हो गया है. समस्या ठीक करने के नाम पर उनसे Lowe’s, Apple, Nike और Amazon जैसी कंपनियों के 500 से 4000 अमेरिकी डॉलर तक के गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए कहा जाता था. इसके बाद इन गिफ्ट कार्ड्स की रकम को यूएसडीटी में बदलकर हवाला के माध्यम से नकद में परिवर्तित किया जाता था. इस तरह यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धाराओं 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है. सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटील कर रहे हैं. पालघर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है.