Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के धनौरी वेटलैंड में परिंदों का कलरव, सर्द हवाओं संग लौटने लगे परदेशी मेहमान

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही धनौरी वेटलैंड एक बार फिर से परिंदों के कलरव से गूंज उठा है. दूर-दराज के इलाकों से परिंदों के झुंड यहां पहुंचने लगे हैं.

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही धनौरी वेटलैंड एक बार फिर से परिंदों के कलरव से गूंज उठा है. दूर-दराज के इलाकों से परिंदों के झुंड यहां पहुंचने लगे हैं. इनकी चहचहाहट बर्ड वाचरों और प्रकृति प्रेमियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है. फिलहाल देश के विभिन्न हिस्सों से आए पक्षी यहां डेरा डाले हुए हैं, जबकि नवंबर तक रूस के साइबेरिया जैसे ठंडे प्रदेशों से भी परिंदों का आगमन शुरू हो जाएगा.

1 हजार पक्षी है मौजूद

बर्ड वाचर श्याम कुमार ने बताया कि धनौरी वेटलैंड फिलहाल करीब एक हजार से अधिक पक्षियों से आबाद है. जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, इनकी संख्या पांच हजार से अधिक हो सकती है. नवंबर के आखिर तक परिंदों की आमद दोगुनी होने की उम्मीद है. फिलहाल यहां फैजनटेल जकाना, ब्रॉन्ज जकाना, गीज, ग्रे लेग गूज जैसे देशी प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं. वहीं, भारतीय सारस (क्रेन) भी इन दिनों वेटलैंड की शोभा बढ़ा रहे हैं.

तापमान के साथ बढ़ेगी संख्या

श्याम कुमार बताते हैं कि जैसे-जैसे तापमान गिरकर दिन में 18 से 20 डिग्री और रात में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा, वैसे-वैसे साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लेमिंगो (राजहंस), मार्श हैरियर, कॉमन कूट, कॉमन टील और ब्लैक हेडेड गल जैसे विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाएगा.

फरवरी तक रुकते है

हर साल सर्दियों में साइबेरिया से आने वाले ये परिंदे फरवरी तक धनौरी वेटलैंड में रुकते हैं. इस दौरान वे यहां की छोटी मछलियों, कीट-पतंगों और खेतों में पड़े बीजों से अपनी भूख मिटाते हैं. स्थानीय बर्ड वाचरों का कहना है कि धनौरी वेटलैंड अब देश के प्रमुख बर्डिंग स्पॉट्स में शुमार हो चुका है. जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, यह इलाका एक बार फिर प्रवासी पक्षियों के रंग-बिरंगे बसेरे में बदल जाएगा.

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