दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सटीक, पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो चुकी है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने इस प्रक्रिया में पूरी मशीनरी को काम पर लगा दिया है.
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 के मतदाताओं का डेटा तैयार करना और उसे वर्ष 2002 के डेटा के साथ मैप (मिलान) करना है. यदि किसी मतदाता का फॉर्म वापस नहीं मिलता है, तो बीएलओ द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट जैसे संभावित पांच ( एबसेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट, विदेशी नागरिक) कारणों का पता लगाने के लिए पड़ोसियों से पूछताछ की जाएगी. इस आधार पर मतदाता सूची से नाम काट दिया जाएगा.
बीएलओ चलाएंगे घर-घर अभियान
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सीईओ अशोक कुमार ने बताया कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना करेंगे. प्रक्रिया के अनुसार, जिस मतदाता का नाम मौजूदा मतदाता सूची में है, उन्हें बीएलओ द्वारा एक ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ उपलब्ध कराया जाएगा. यह फॉर्म दो प्रतियों में होगा, जिसे भरकर मतदाता को एक प्रति वापस बीएलओ को सौंपनी होगी. यदि गणना के दौरान किसी घर पर ताला मिलता है या कोई बीएलओ से नहीं मिल पाता, तो बीएलओ को उस घर में फॉर्म डालने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, निर्धारित जानकारी एकत्र करने के लिए बीएलओ को उस घर में कम से कम तीन बार दौरा करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, मतदाताओं की सुविधा के लिए इस बार ऑनलाइन फॉर्म भरने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है.
डेटा मिलान का कार्य प्रगति पर
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, एक पूर्व-पुनरीक्षण गतिविधि के रूप में, फिलहाल वर्ष 2025 के मतदाताओं का मिलान वर्ष 2002 के मतदाताओं के साथ किया जा रहा है. 26 मई 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,46,82,523 मतदाताओं में से 62,44,045 मतदाताओं (यानी 42.53%) की मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है.
ऐसे लोगों का कटेगा नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि SIR प्रक्रिया में नाम सिर्फ उनका कटेगा जो ‘ASDDF’ पाए जाएंगे. इसका मतलब Absent (अगर कोई निर्धारित पते पर एबसेंट मिलता है), Shifted (कोई मतदाता कहीं और शिफ्ट हो गया है), Death (किसी की मृत्यु हो गई हो), Duplicate (किसी का नाम दो जगहों पर अगर मिलता है) या Foreigner (अगर किसी के पास दूसरे देश की नागरिकता होगी तो).
बता दें कि आयोग इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश में है. बीएलओ जो फ्रंट लाइन में होंगे उन्हें कई बार ट्रेनिंग दी जा चुकी है. शुरुआत में वर्क प्रेशर आदि की जो बातें हुईं थी, उसे दिल्ली के सीईओ ने सिरे से खारिज कर दिया. किसी भी राजनीतिक दल को इस पूरी प्रक्रिया पर कोई आपत्ति न हो इस बाबत अशोक कुमार ने कहा कि दिल्ली में 6 राष्ट्रीय दलों के साथ लगातार बैठकें हो रही है.
मतदाता ऐसे जांचें अपना विवरण
नागरिकों की सुविधा के लिए वर्ष 2002 की मतदाता सूची को सीईओ दिल्ली की वेबसाइट(ceodelhi.gov.in) पर अपलोड कर दिया गया है. दिल्ली में 2002 से स्थायी रूप से रह रहे नागरिक वहां से अपने विवरण देख सकते हैं.
वहीं, जो मतदाता 2002 के बाद अन्य राज्यों से दिल्ली आकर बसे हैं, वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर अपना नाम खोज सकते हैं. निर्वाचन विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपना नाम, संबंधित व्यक्ति का नाम, राज्य, विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर, भाग संख्या और क्रम संख्या (Sr No.) को नोट करके रखें. यह जानकारी बीएलओ को एन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय देने में काम आएगी.
एसआइआर को लेकर अहम जानकारियां/तिथियां
30 जून से 29 जुलाई तक घर घर जाएंगे बीएलओ
वोटर लिस्ट का पहला प्रकाशन (ड्राफ्ट) : 5 अगस्त 2026
शिकायत और सुधार के लिए पांच अगस्त से चार सितंबर 2026 के बीच होगा आवेदन
अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन : 7 अक्टूबर 2026
26 मई 2026 तक कुल 1,46,82,523 मतदाताओं में से 62,44,045 यानी 42.53 प्रतिशत की मैपिंग का कार्य हुआ पूरा
दिल्ली में वर्तमान में 1,46,82,523 पंजीकृत मतदाता हैं.
फील्ड स्टाफ के तौर पर होंगे 13,033 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) -विभिन्न राजनीतिक दलों से रहेंगे 29,758 एजेंट (बीएलए)
यह भी पढ़ें- ‘SIR वैध, इसकी प्रक्रिया में कोई खामी नहीं’, आ गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
पंजीकरण के लिए आवेदक को आयोग की शर्तों को पूरा करना होगा, जिसमें आवेदक को भारत का नागरिक होना चाहिए. आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. उसे उस निर्वाचन क्षेत्र का ‘सामान्य निवासी’ होना चाहिए, जहां वह पंजीकरण कराना चाहता है. आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज में आयु प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, या 10वीं/12वीं की मार्कशीट.) निवास प्रमाण (बिजली/पानी का बिल, बैंक पासबुक, या रेंट एग्रीमेंट जिसमें दिल्ली का पता हो वह होने के साथ हाल ही की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो होनी चाहिए.
दिल्ली के मतदाताओं को चुनाव आयोग की सलाह
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने सभी दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ का उपयोग करें. यह ऐप न केवल नए पंजीकरण के लिए है, बल्कि आप इस पर यह भी देख सकते हैं कि आपका नाम मतदाता सूची में है या नहीं. किसी भी प्रकार की सहायता के लिए नागरिक 1950 नंबर पर कॉल कर सकते हैं. यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे, चाहे वह काम या शिक्षा के सिलसिले में दिल्ली से बाहर ही क्यों न रह रहा है.
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