Toxic Air Alert: ग्रैप-4 क्या‌? जो दिल्ली में लागू, जानें आज से किन-किन चीजों पर रहेगी पाबंदी?

Delhi NCR Grap 4 Restrictions: दिल्ली में वायु प्रदूषण से हालात काफी खराब हैं। इसलिए आज से ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू हो जाएंगी। मुख्यमंत्री आतिशी ने पाबंदियों का सख्ती से पालन करने की अपील लोगों से की है। आदेश का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Delhi NCR Smog

दिल्ली में वायु प्रदूषण से हवा बेहद जहरीली होने लगी है।

Grap 4 Restrictions in Delhi NCR: दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है। वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। सुबह स्मॉग की ऐसी चादर बिछी रहती है, जिसे लोग कोहरा समझते हैं, लेकिन यह कोहरा नहीं ‘जानलेवा’ प्रदूषण है। ऐसा प्रदूषण जिसमें सांस लेने से दम घुट सकता है। आंखों में जलन, गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं। AQI का लेवल गंभीर श्रेणी का बना हुआ है। सुबह ही नहीं, अब शाम को भी दिल्ली-NCR का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ज्यादा बना हुआ है।

विज्ञापन

दिल्ली को गैस का चैंबर बनते देखकर मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू करने का फैसला लिया है, जो आज 18 नवंबर की सुबह 8 बजे से लागू हो जाएगा। ग्रैप के 3 चरण पहले से लागू हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अनुसार, आज से लोगों को ग्रैप-4 की पाबंदियों का पालन करना होगा। इसके तहत अब ग्रेप का चौथा चरण 18 नवंबर (सोमवार) सुबह 8 बजे से लागू हो जाएगा। आइए जानते हैं कि गैप-4 के तहत कौन-कौन सी पाबंदियां रहेंगी…

विज्ञापन

दिल्ली में आज से यह बस बंद रहेगा…

  • दिल्ली में आज से 10वीं-12वीं को छोड़कर बाकी कक्षाएं फिजिकली बैन रहेंगी। ऑनलाइन क्लास लगाने के आदेश स्कूलों को दिए गए हैं।
  • दिल्ली में आज से ट्रकों की एंट्री बैन रहेगी। इलेक्ट्रिक, CNC और BS-VI के अलावा बाहर से आने वाली गाड़ियों की एंट्री बैन रहेगी।
  • स्टेट हाईवे, रोड, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली के ट्रांसमिशन, वाटर पाइपलाइन, कम्यूनिकेशन आदि के लिए चल रहे निर्माण कार्यों बंद रहेंगे।
  • सरकार के अधिकारी, नगरपालिका के अधिकारी और प्राइवेट ऑफिसों के अधिकारी यह फैसला ले सकेंगे कि वे 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देना चाहते हैं या नहीं।

दिल्ली में यह सब खुला रहेगा

  • इलेक्ट्रिक, CNG और जरूरी सेवाएं देने वाले ट्रकों को एंट्री मिलेगी।
  • CNG और BS-VI डीजल वाली गाड़ियों को एंट्री मिलेगी।
  • 10वीं और 12वीं की कक्षाएं फिजिकल मोड में ही लगेंगी।
  • 50% कर्मचारी को ऑफिस बुलाकर काम करा सकते हैं।
  • साफ-सफाई से जुड़े प्रोजक्ट और काम चलते रहेंगे।
  • एबुलेंस सर्विस और अन्य जरूरी सेवाएं देने वाले वाहन चलते रहेंगे।

कब लगाई जाती हैं ग्रैप की पाबंदिया?

बता दें कि जब दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांका AQI 400 के पार पहुंच जाता है, तब GRAP की पाबंदियां लगाई जाती हैं। दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर को 4 कैटेगरी में बांटकर काउंट किया जाता है। GRAP-1 तक लागू होता है, जब वायु प्रदूषण का स्तर खराब (AQI 201-300) श्रेणी का होता है। GRAP-2 की पाबंदियां जब लगती हैं, जब वायु प्रदूषण का स्तर बहुत खराब (AQI 301-400‌) श्रेणी का होता है। GRAP-3 की पाबंदिया तब लगती हैं, जब वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर (AQI 401 से 450) श्रेणी का होता है। GRAP-4 को तब लागू किया जाता है, जब वायु प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर (AQI 450 से ज्यादा) श्रेणी का होता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ