हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

डॉग लवर्स के लिए अच्छी खबर, CJI बोले- फैसले पर कर सकते हैं पुनर्विचार

दिल्ली में बढ़ते डॉग बाइट मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने आठ हफ्तों में सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इस फैसले के बाद डॉग लवर्स ने विरोध प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। अब मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने इस निर्देश पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया है, जिससे पशु प्रेमियों को उम्मीद जगी है।

विज्ञापन
दिल्ली में कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर CJI ने पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया है

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के आवारा कुत्तों को लेकर ऐसा निर्देश जारी किया, जिससे डॉग लवर्स परेशान हो गए। प्रदर्शन पर उतर गए, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आठ हफ्ते के भीतर दिल्ली के आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। कोर्ट ने दिल्ली में डॉग बाइट केस के बढ़ने के बाद यह फैसला लिया था। हालांकि, इस फैसले के बाद लोगों की राय बंटी हुई थी। कुछ लोग इसे सही करार दे रहे थे तो कुछ बेजुबानों पर इसे अत्याचार बता रहे थे। अब CJI ने इस मामले को लेकर राहत भरा बयान दिया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश के बयान से जगी उम्मीद

भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर आवारा कुत्तों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया है। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश के सामने इस मामले को उठाया गया। साथ ही उन्हें एक पूर्व न्यायालय के उस आदेश से भी अवगत कराया गया, जिसमें आवारा कुत्तों के पुनर्वास और उनके वध पर रोक लगाई गई थी। इसके साथ ही मौजूद कानूनों और नियमों का पालन अनिवार्य किया गया था।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मैं इस पर विचार करूंगा। CJI के इस कथन से हजारों पशु प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि शायद कुत्तों को अब शेल्टर होम में न डाला जाए। बड़ी संख्या में लोग सड़कों और गलियों से कुत्तों के हटाए जाने पर असहमत थे। इसको लेकर कुछ लोग प्रदर्शन भी कर रहे थे।

विज्ञापन

क्यों सुप्रीम कोर्ट ने दिया था फैसला?

बता दें कि सोमवार को न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कुत्तों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों पर मीडिया रिपोर्ट्स को ध्यान में रखते हुए आदेश पारित किया गया था। इसमें कहा गया था कि हमें कुत्ते-मुक्त क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने की जरूरत है और तभी बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित महसूस करेंगे। पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि कुत्ता प्रेमियों या किसी अन्य पक्ष की याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी।

यह भी पढ़ें : आवारा कुत्तों को लेकर SC का बड़ा आदेश, सर्कुलर जारी करके बताया कैसे घटेंगे डॉग बाइट के केस?

विज्ञापन

न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा कि हम यह अपने लिए नहीं कर रहे हैं। यह जनहित के लिए है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की भावनाएं शामिल नहीं होनी चाहिए। जल्द से जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola