Supreme court important decision: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट कमीशन(CAQM) के रवैये पर सवाल उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन को निर्देश दिया कि वो दो हफ्ते में एक्सपर्ट की मीटिंग बुलाए. मीटिंग में प्रदूषण के जिम्मेदार कारणों पर विचार विमर्श हो. इसको लेकर रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि लोग भी जागरूक हो सके. कोर्ट ने कहा कि CAQM प्रदूषण की रोकथाम के लिए दूरगामी उपायों पर विचार करें. सबसे पहले उन वजहों का समाधान खोजा जाए, जिनके चलते सबसे ज़्यादा प्रदूषण हो रहा है. इसके अलावा दिल्ली बॉर्डर पर बने टोल प्लाजा को बढ़ते प्रदूषण का कारण बताते हुए हटाने का बंद करने की सीएक्यूएम की मांग को भी ठुकरा दिया है.
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क्या आप प्रदूषण के कारणों की पहचान कर पाए
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस बागची की बेंच ने सीएक्यूएम से कहा कि "क्या आप प्रदूषण के कारणों की पहचान कर पाए हैं? इन दिनों बहुत सारा मटेरियल पब्लिक डोमेन में आ रहा है, एक्सपर्ट आर्टिकल लिख रहे हैं, लोग अपनी राय दे रहे हैं, वे हमें मेल पर भेजते रहते हैं। बेंच ने आगे कहा, "भारी वाहन प्रदूषण बढ़ाने में बड़ा योगदान दे रहे हैं, इसलिए पहला सवाल यह है कि इस समस्या से कैसे निपटें। 2 जनवरी को मीटिंग करके और यह कहकर कि हम दो महीने बाद आएंगे, यह हमें मंज़ूर नहीं है. CAQM अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम हो रहा है."
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बढ़ते प्रदूषण के मुख्य कारणों पर मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को निर्देश दिया कि वह चरणबद्ध तरीके से लंबे समय के समाधानों पर विचार करना शुरू करे और अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के रुख से प्रभावित हुए बिना टोल प्लाज़ा के मुद्दे पर भी विचार करे. साथ ही, CAQM को दो हफ़्ते में एक्सपर्ट्स की एक मीटिंग बुलाने और बढ़ते प्रदूषण के मुख्य कारणों पर एक रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश दिया.
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