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Soumya Murder Case: टीवी जर्नलिस्ट सौम्या विश्वनाथन मर्डर केस में 15 साल बाद इंसाफ; चार हत्यारों को दोहरी उम्रकैद

Soumya Murder Case : दिल्ली में टीवी चैनल की पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में शनिवार को कोर्ट ने चार दोषियों को दोहरी उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी के साथ इनकी मदद के दोषी को 3 साल की कैद की सजा हुई है।

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नई दिल्ली: दिल्ली से शनिवार को बड़ी खबर आई है। यहां कोर्ट ने टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के मामले में चार दोषियों को दोहरी उम्रकैद की सजा का फैसला दिया है। हालांकि इस हत्याकांड का पांचवां आरोपी जल्द ही बाहर आने वाला है, क्योंकि अदालत ने उसे सिर्फ 3 साल की कैद की सजा दी है और अब उसके जेल में बीते वक्त को सजा पूरी होने के रूप में देखते हुए उसे रिहा कर दिया जाएगा। दूसरी ओर इस मामले में 15 साल बाद हुए इस इंसाफ को लेकर मरहूम सौम्या की मां ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह अदालत के फैसले से सहमत हैं, लेकिन खुश नहीं हैं।

30 सितंबर 2008 को की गई थी हत्या

हत्या की यह वारदात 30 सितंबर 2008 की सुबह दक्षिणी दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर अंजाम दी गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार एक अंग्रेजी टीवी चैनल में काम करती सौम्या विश्वनाथन उस रात जब ड्यूटी से लौट रही थी तो बदमाशों ने कार को लूटने के लिए उसका पीछा किया और फिर गोली मार दी। पुलिस जांच में इस वारदात को अंजाम देने के आरोपियों की पहचान रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी के रूप में हुई थी।

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सौम्या विश्वनाथन के माता-पिता।

चार हत्या के दोषी तो पांचवां मदद करने में

ट्रायल में लगभग एक महीना पहले 18 अक्टूबर को ही अदालत ने रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक और अजय कुमार को हत्या के आरोप में IPC की धारा-302 और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत दोषी ठहराया था। इसके अलावा इस मामले में एक दोषी और भी है। अजय सेठी उर्फ चाचा नामक इस पर आरोप है इसने संगठित अपराध में शामिल अपराधियों की जान-बूझकर मदद की।

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असल में हत्यारे जिस कार में सवार थे, वो चाचा की थी और पुलिस ने उसके पास से बरामद की थी। अदालत ने उसे बेईमानी से संपत्ति जुटाने के जुर्म संबंधी IPC की धारा 411 के साथ-साथ MCOCA प्रावधानों के तहत संगठित अपराध को बढ़ावा देने, जान-बूझकर मदद करने और संगठित अपराध से पैसा कमाने की साजिश का दोषी माना है।

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शुक्रवार को सुरक्षित रखा था कोर्ट ने फैसला

शुक्रवार को इस मामले में दोषियों की सजा पर बहस पूरी हुई तो अदालत ने इस पर 25 नवंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक और अजय कुमार को दोहरी उम्रकैद और अजय सेठी उर्फ चाचा को 3 साल की सजा सुनाई है। उसकी सजा पूरी मानकर उसे जेल से रिहा कर दिया जाएगा। इसके अलावा दोषियों को सवा लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

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क्यों खुश नहीं हैं सौम्या की मां?

उधर, कोर्ट के फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए सौम्या की मां माधवी विश्वनाथन ने कहा, ‘हमने जो भुगता वो दोषियों को भी भुगतना चाहिए। मैं संतुष्ट हूं, पर खुश नहीं… क्योंकि मैं खुश तब होती अगर मेरी बेटी वापस आ सकती’।

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