New Delhi Railway Station Stampede: राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात को भगदड़ मचने की वजह से 18 लोगों की मौत हुई थी। इस दौरान अपनी 7 साल की बेटी को खो देने वाले एक पिता ने रुला देने वाली आपबीती शेयर की है। शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज महाकुंभ में जाने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी थी। ट्रेन में सवार होने के लिए लोगों के बीच आपाधापी शुरू होने से भगदड़ मची थी। यूपी के प्रयागराज में 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन होना है। बच्ची के पिता ओपिल सिंह के अनुसार वे दिल्ली में मजदूरी करते हैं, उन लोगों को महाकुंभ में जाना था।
वे लोग 14 नंबर प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, वहां बहुत ज्यादा भीड़ थी। उन्होंने परिवार से कहा था कि भीड़ ज्यादा है, चलो घर चलते हैं। बच्चों को लेकर जाने का फायदा नहीं है। यहां सोने के लिए भी जगह नहीं है, बच्चों को ले जाकर क्या करेंगे? NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक 45 साल के ओपिल सिंह ने बताया कि उनके पास प्रयागराज का कन्फर्म टिकट था। इस दौरान भारी भीड़ स्टेशन पर ट्रेन में सवार होने का इंतजार कर रही थी। नीचे उतरते समय 6 ही सीढ़ियां बची थीं कि एकदम भगदड़ के बीच बेटी का हाथ उनसे छूट गया।
हादसे के बाद नहीं मिली एंबुलेंस
एक साथ कम से कम 5-6 हजार लोग नीचे उतर रहे थे, जो एक के बाद एक ऊपर गिरते गए, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। मेरे सामने 7 साल की बेटी रिया को सिर में रॉड घुस गई। उसका पूरा शरीर काला पड़ गया था, मौके पर ही मौत हो गई। वे लोग मूल रूप से यूपी के उन्नाव जिले के रहने वाले हैं। मेरे सामने बेटी ने दम तोड़ दिया। बेटी को बचाने के लिए वे लोग ऑटो में उसे अस्पताल लेकर गए थे। कोई एंबुलेंस भी नहीं मिली। रेलवे की ओर से कोई बंदोबस्त नहीं किए गए थे। हादसे के बाद किसी ने उनका मोबाइल और पर्स भी चोरी कर लिया।
किसी तरह दो कुलियों ने 100-100 रुपये देकर मदद की। कलावती अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया। अब सरकार ने 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। इससे मेरी बेटी तो वापस नहीं आ जाएगी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि घटना के समय पटना जाने वाली मगध एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर खड़ी थी। वहीं, नई दिल्ली-जम्मू उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 15 पर खड़ी थी। अनाउंसमेंट किए जाने पर भगदड़ मची थी।