जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही फेक न्यूज और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ महाराष्ट्र साइबर ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है. विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले चार दिनों में कुल 429 ऐसे पोस्ट चिन्हित किए गए, जिनमें झूठी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण जानकारी साझा की गई थी. इनमें से अधिकांश पोस्ट को हटवा दिया गया है, जबकि बाकी के खिलाफ टेकडाउन की प्रक्रिया जारी है. साथ ही सबसे गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है.
महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, जांच के दौरान एक पाकिस्तान बेस्ड एक्स अकाउंट द्वारा जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान बच्चों की मौत होने का झूठा दावा फैलाया गया, जबकि ऐसी किसी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसी तरह एक मलेशिया बेस्ड इंस्टाग्राम अकाउंट पर भारत में दंगे, अराजकता और कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने का भ्रामक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया गया. विभाग का कहना है कि ऐसे पोस्ट पूरी तरह भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण हैं.
अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल कर जंतर-मंतर की भीड़ को वास्तविक संख्या से कई गुना अधिक दिखाने वाली फर्जी रील भी सामने आई. महाराष्ट्र साइबर ने दावा किया कि उसके एआई आधारित फॉरेंसिक टूल्स ने कुछ ही सेकंड में इस वीडियो को पूरी तरह मैनिपुलेटेड और एआई जनरेटेड साबित कर दिया.
विभाग ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की फर्जी खबर भी वायरल की गई, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पोस्ट हटवाए गए. इसके अलावा एक कैबिनेट मंत्री का एआई मॉर्फिंग और वॉयस क्लोनिंग के जरिए तैयार किया गया फर्जी वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं.
महाराष्ट्र साइबर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान आधारित APT-36 (Advanced Persistent Threat) जैसे साइबर ग्रुप्स इस तरह के मॉर्फ्ड और भ्रामक कंटेंट फैलाने में सक्रिय हैं. विभाग का कहना है कि ऐसे विदेशी साइबर नेटवर्क्स पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों ने आम लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट को बिना जांचे-परखे साझा न करने की अपील की. उन्होंने लोगों से POV (Pause, Observe, Verify) पॉलिसी अपनाने को कहा, यानी किसी भी पोस्ट पर विश्वास करने या उसे आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें.
महाराष्ट्र साइबर ने लोगों से अपील की है कि यदि सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या फर्जी पोस्ट दिखाई दे तो उसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें. विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर पोस्ट का सत्यापन किया जाएगा, आवश्यक होने पर उसे तुरंत हटवाया जाएगा और फर्जी कंटेंट बनाने या फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जिसमें एफआईआर भी शामिल है, की जाएगी.
महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, चिन्हित की गई 429 पोस्ट में लगभग 76 प्रतिशत पोस्ट भारत से थीं, जबकि 20 से 30 प्रतिशत पोस्ट महाराष्ट्र से संबंधित थीं. इन पोस्टों में शिवाजी पार्क में हुए आंदोलन से जुड़ा भ्रामक कंटेंट भी शामिल है. विभाग का कहना है कि एआई आधारित फिल्टरिंग और वेरिफिकेशन तकनीक की मदद से इस तरह के फर्जी कंटेंट की पहचान कर उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है.
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