Delhi News: आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा माफिया को बचाने के लिए लाए जा रहे प्राइवेट स्कूल फीस रेगुलेशन बिल को लेकर जनता से रायशुमारी तेज कर दी है। एक तरफ ‘‘आप’’ द्वारा बिल पर जनता की राय लेने के लिए जारी fee.consultation.aap@gmail.com पर ढेरों सुझाव आ रहे हैं और दूसरी तरफ पार्टी के विधायक पैरेंट्स से मुलाकात कर उनसे सुझाव ले रहे हैं। बुधवार को ‘‘आप’’ की वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने दिल्ली विधानसभा में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पैरेंट्स से मुलाकात कर उनसे सुझाव लिया। इस दौरान पैरेंट्स ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिल लाने से पहले हमसे कोई फीड बैक नहीं लिया। बिल के नाम पर हमें सिर्फ लॉलीपॉप दिया गया है।
शिक्षा माफिया के खिलाफ लड़ते रहेगी आप
इस दौरान आतिशी ने कहा कि पैरेंट्स को चिंता है कि चोर-दरवाज़े से भाजपा सरकार एक ऐसा क़ानून ला रही है जो उनके हित में नहीं है, बल्कि निजी स्कूलों को बचाने के लिए है। लेकिन “आप” इन पेरेंट्स की आवाज़ बनेगी। फ़ीस क़ानून कैसा होना चाहिए, उसमें क्या प्रावधान हों, कैसे निजी स्कूलों पर लगाम लगाई जाए। इस पर पैरेंट्स के साथ लंबी चर्चा हुई। मैंने सब पेरेंट्स को आश्वासन दिया कि जिस तरह 10 साल से सरकार में हम उनके हक के लिए लड़ते आए हैं, विपक्ष में भी हम उनसे कंधे-से-कंधा मिला कर इस शिक्षा माफिया के खिलाफ लड़ते रहेंगे।
बिना पॉलिटिकल बैकिंग के स्कूलों में नहीं हिम्मत
विधानसभा में मुलाकात के दौरान आतिशी ने पैरेंट्स की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों की मनमानी नहीं चलने देंगे। पूरे मामले को हम विधानसभा में भी उठाएंगे। यह सब भाजपा की मिलीभगत से किया जा रहा है। निजी स्कूलों से जुड़े लोग चुनाव प्रचार में भाजपा के साथ थे। बिना पॉलिटिकल बैकिंग के इतनी हिम्मत स्कूलों में नहीं आ सकती। आम आदमी पार्टी जब सरकार में थी तब हमने फीस बढ़ने नहीं दी थी। ये सब देश की राजधानी में हो रहा है, इसमें स्थानीय प्रशासन की भी सांठगांठ है।
शिक्षा के मंदिर को नहीं बनने देंगे व्यापार का केंद्र
अभिभावकों ने आतिशी से मदद की गुहार लगाई। डीपीएस द्वारका में अपने बच्चे को पढ़ाने वाले अभिभावक महेश मिश्रा ने बताया कि स्कूलों ने मनमाने तरीके से स्कूल फीस को बढ़ा दिया। जब हमने इसका विरोध किया तो हमारे बच्चों को लाइब्रेरी में कैद किया गया। इसपर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि स्कूल शिक्षा के मंदिर है। इसे व्यापार का केंद्र नहीं बनने देंगे। स्कूल के फीस बढ़ाने के खिलाफ हम पूरी तरह से अभिभावकों के साथ खड़े हैं।
फीस रेगुलेशन बिल लॉलीपॉप
आतिशी ने कहा कि पूरे मामले को हम दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र भी उठाएंगे। अभिभावक उमंग शर्मा ने आतिशी को बताया कि लगातार निजी स्कूल हमें परेशान कर रहे हैं। प्रिंसिपल हमें मिलने का समय नहीं देते हैं। उमंग ने कहा कि हमें फीस रेगुलेशन बिल लाने का लॉलीपॉप दिया गया है। लेकिन उस बिल को सार्वजनिक नहीं किया गया है, हमसे कोई फीडबैक नहीं लिया गया है।
इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे
आतिशी ने कहा कि हम अभिभावकों के साथ हर कदम पर खड़े हैं। शिक्षा बिल को सार्वजनिक किया जाए। भाजपा सरकार जनता से बिना रायशुमारी किए ही सीधे बिल को लागू करना चाहती है। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। आखिर फी रेगुलेशन बिल का ड्राफ्ट छुपाया क्यों जा रहा है? दाल में जरूर कुछ काला है। आतिशी ने अभिभावकों को कहा कि हम इस मामले को आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में उठाएंगे। हम मांग करेंगे कि फीस रेगुलेशन बिल को टेबल करके सलेक्ट कमिटी में भेजा जाए। हम मांग करेंगे कि सरकार नए बिल में सभी स्कूलों की सीएजी ऑडिट मेंडेटरी करे। साथ ही ऑडिट को सभी अभिभावकों को दिया जाए।
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