जामिया में होंगी अब ऑनलाइन क्लास, विरोध-प्रदर्शनों के बीच यूनिवर्सिटी का बड़ा ऐलान
Jamia University Protest: दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, स्टूडेंट्स और गार्ड्स के बीच झड़प भी देखने को मिली. बढ़ते विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्लास ऑनलाइन करने का फैसला लिया.
Jamia Millia Islamia: दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में कैंपस के अंदर प्रदर्शनकारी छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव के बाद कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया गया है. ये विरोध प्रदर्शन यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों को फिर से बहाल करने की छात्रों की मांग को लेकर हो रहा है. तनाव तब और बढ़ गया जब सुरक्षा गार्ड्स ने प्रदर्शनकारी छात्रों की तरफ से लगाए गए टेंट को हटाने की कोशिश की; इन तंबुओं में वो स्टूडेंट्स भी थे जो भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस घटना के कारण कैंपस में अशांति फैल गई.
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Delhi: Jamia Millia Islamia has decided to conduct classes of all courses online with immediate effect until further notice, citing the ongoing situation and the need to ensure the safety and security of students on campus. https://t.co/anjIjiw0hOpic.twitter.com/Q0RKXVzHGF
जामिया के रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद के यूनिवर्सिटी विजिट ने इस हालात को और बिगाड़ा. रिजवी के मुताबित, ये दोनों नेता दीवार फांदकर कैंपस में दाखिल हुए, जिससे संस्थान का माहौल खराब हुआ. उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं की हरकतों ने छात्रों को एक बड़े राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा बनने के लिए उकसाया. रजिस्ट्रार ने ये भी कंफर्म किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
ये विरोध प्रदर्शन 12 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ, जिसमें छात्र ‘जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ’ (JMISU) को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे हैं. छात्र इस संघ को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं, जिसे 2006 में कैंपस में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद भंग कर दिया गया था. बताया जाता है कि उस हिंसा के कारण शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा था.
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AISA ने प्रशासन पर लगाए आरोप
वामपंथी छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी उकसावे के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की. संगठन का दावा है कि इस घटना के दौरान उन छात्रों को भी निशाना बनाया गया, जो भूख हड़ताल पर बैठे थे. हालांकि यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.
SOS Jamia
This is unacceptable what's happening inside Jamia. While the students are on hunger strike demanding restoration of campus democracy, demand for students' union, the Administration is carrying out this kind of attack.
21 अक्टूबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लिखे एक चिट्ठी में, CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले लगभग 2 दशकों से विश्वविद्यालय में कोई निर्वाचित छात्र संघ नहीं है. उन्होंने अभिव्यक्ति और संगठन की स्वतंत्रता की गारंटी देने वाले संवैधानिक प्रावधानों, छात्रों के अधिकारों पर UGC के दिशानिर्देशों, और छात्र चुनावों पर लिंगदोह समिति की सिफारिशों का हवाला दिया.