दिल्ली पुलिस ने कमला मार्केट इलाके के S.N. मार्ग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ह्यूमन ट्रैफिकिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है. अजमेरी गेट स्थित एक ठिकाने पर छापेमारी कर पुलिस ने नाबालिग समेत 8 लड़कियों को रेस्क्यू किया, जबकि मौके से भारी मात्रा में कैश, विदेशी मुद्रा, गांजा और शराब बरामद हुई है.
पुलिस को 8 अप्रैल की रात इस अवैध गतिविधि की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद ACP रिंचेन ओंगमु भूटिया की निगरानी और W/SI किरण सेठी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया. छापेमारी में FSL, क्राइम टीम और NGO की भी मदद ली गई.
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नाबालिग को बंगाल से लाकर किया जा रहा था शोषण
रेस्क्यू की गई 17 वर्षीय नाबालिग ने खुलासा किया कि उसे पश्चिम बंगाल से लाकर आरोपी आलिया उर्फ पिंकी ने इस धंधे में धकेला. इसके बाद कुमारी और उसका पति राहुल इस पूरे रैकेट को चला रहे थे.
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पुलिस ने बताया कि कई लड़कियों को संकरे और गुप्त कमरों में छिपाकर रखा गया था, जहां से उन्हें बाहर निकालकर रेस्क्यू किया गया.
कार्रवाई के दौरान ₹1.97 लाख नकद, 118 अमेरिकी डॉलर, नेपाली मुद्रा, 33 ग्राम गांजा, 700 से ज्यादा बीयर बोतल-कैन, चाकू, कंडोम, डायरी, ट्रांजैक्शन स्लिप्स समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है.
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मामले में गोपी राम परिहार उर्फ सूरज और लुमा कांत पांडे को गिरफ्तार किया गया है. वहीं मुख्य आरोपी राहुल और कुमारी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. पुलिस ने BNS, POCSO, ITP, NDPS और एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है. शुरुआती जांच में यह रैकेट अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है.
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है.
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