हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

गुजरात दहेज प्लांट हादसा: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, मृतकों के परिवारों की पहचान कर दिया जाए मुआवजा

गुजरात के दहेज स्थित भारत रसायन लिमिटेड प्लांट हादसे में मृतकों और उनके परिवारों की पहचान कर मुआवजा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट को खुद मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.

विज्ञापन
दहेज स्थित भारत रसायन लिमिटेड के कीटनाशक संयंत्र में 2022 के हादसे के बाद मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है. (Image- ANI)

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश से गुजरात में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) भारत रसायन लिमिटेड के एक कीटनाशक प्लांट में 2022 में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए खुद संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने का निर्देश दिया ताकि हादसे से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा सके.

17 मई 2022 को हुआ था हादसा

गुजरात के दहेज शहर में भारत रसायन लिमिटेड के कीटनाशक प्लांट में 17 मई, 2022 को हादसे हुआ था. जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे. पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया था कि रिएक्टर में खराबी की वजह से वहां धमाका हुआ और आग लगी. इस घटना की वजह से जहरीली गैस हवा में घुल गईं थीं और इससे रासायनिक प्रदूषण हुआ था.

NGT ने लगाया था 13.5 करोड़ का जुर्माना

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 29 मई, 2024 को ‘प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करे’ (पोल्यूटर पे) नियम लागू करते हुए पीएसयू पर करीब 13.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया था कि इस जुर्माने का इस्तेमाल गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) द्वारा प्लांट के 10 किलोमीटर के दायरे में पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण सुधार से जुड़े उपायों के लिए किया जाए.

विज्ञापन

हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ितों की नहीं हुई पहचान  

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने बुधवार को गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस जुर्माने का उपयोग केवल पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण सुधार से जुड़े काम करने के लिए दिए गए निर्देश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की दलील पर गौर किया. पीठ को यह भी बताया गया कि इस राशि के अलावा करीब 3.27 करोड़ रुपये उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा हैं और इसे हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को दिया जाना है. कोर्ट को बताया गया कि अधिकारी अब तक मृतकों और उनके परिवार के सदस्यों की पहचान नहीं कर पाए हैं.

मुआवजा देने के दिए आदेश

पीठ ने इस पर ध्यान देते हुए गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा कि वह खुद मामला दर्ज करें जिससे मृतकों या उनके परिवार के सदस्यों की पहचान की जा सके. पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को कहा कि वह इस राशि को एक और साल के लिए FD में रखे.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola