दिल्ली में 24 साल के एक डिलीवरी एजेंट की कीटनाशक पीने से मौत का मामला सामने आया है. कुछ दिन पहले 10 रुपये के एक फटे नोट को लेकर एक ग्राहक के साथ उसका विवाद हुआ था. मौत से पहले डिलीवरी वर्कर ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने पूरी घटना बताई थी. उसने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और कहा था कि अगर उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह जहर पी लेगा.
समीर हुसैन सैफी दिल्ली के कल्याणपुरी में डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता था. अस्पताल में 16 दिन इलाज के बाद 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई.
10 रुपये के फटे नोट पर हुआ झगड़ा
वीडियो में घटना के बारे में बताते हुए समीर ने कहा कि 4 अक्टूबर की रात करीब 11.30 बजे वह एक ऑर्डर डिलीवर करने गया था. वहां ग्राहक से मिले पेमेंट में 10 रुपये का एक नोट फटा हुआ था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया. समीर ने बताया कि उन्होंने ग्राहक से नोट बदलने के लिए कहा, लेकिन ग्राहक ने उनके साथ बदतमीजी की और मारपीट की धमकी दी. देखते ही देखते यह बहस हाथापाई में बदल गई. बहस बढ़ने पर ग्राहक ने उसे तीन थप्पड़ मारे.
‘किसी ने कुछ नहीं कहा’
जब समीर वीडियो में यह बता रहे थे तो उनकी आवाज कांप रही थी. समीर का आरोप है कि ग्राहक ने उसके मिडिल क्लास बैकग्राउंड पर भी कमेंट किया. उसने बताया, ‘मुझे जिंदगी में बस इसी बात का बुरा लगा. मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं, अच्छा काम कर रहा हूं, फिर भी लोग मुझे गरीब समझते हैं. जब वह इतने सारे लोगों के सामने मुझे पीट रहा था, तो वे लोग कुछ कह सकते थे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा. उसने मुझे थप्पड़ मारा… वह थप्पड़ सीधे मेरे दिल पर लगा.’
पुलिस पर उठाए सवाल
समीर ने बताया कि घटना के बाद वह अधिकारियों के पास गए थे, लेकिन उन्हें डर था कि उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि पुलिस कुछ नहीं करेगी, क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं हैं. मैं कुछ नहीं कर सकता. मैं उन्हें अपनी बात सुनने के लिए मजबूर नहीं कर सकता.’
इसके बाद समीर ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वह जहर खा सकते हैं.
परिवार ने मांगा मेडिकल रिकॉर्ड
समीर के परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की. साथ ही परिवार ने मांग की है कि उसका पोस्टमार्टम एक मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाए. इसके अलावा उन्होंने आईसीयू की CCTV फुटेज और इलाज का मेडिकल रिकॉर्ड भी मांगा है.
वहीं, पुलिस का कहना है कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही पुलिस ने बताया कि समीर 5 अक्टूबर को अपनी शिकायत लेकर उनके पास आया था. उसी दिन FIR दर्ज कर ली गई थी. शिकायत में नामजद दो आरोपियों को एक हफ्ते बाद गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था.