दिल्ली वोटर लिस्ट से कटे 47 लाख से ज्यादा नामों की फिर होगी जांच, छूटे पात्र वोटर्स को मिलेगा मौका

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए 47 लाख से अधिक वोटरों के नामों का अब दोबारा सत्यापन होगा. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे. जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, वे 4 दिसंबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची से पहले फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं.

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दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए 47 लाख से अधिक वोटरों के नामों का अब दोबारा सत्यापन होगा. Credit: AI

राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत एक बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली की मसौदा (ड्राफ्ट) मतदाता सूची से बाहर हुए 47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नामों का अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा दोबारा सत्यापन किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से न छूटे. देश के छह प्रमुख महानगरों मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में दिल्ली 32.8% नाम हटाने की दर के साथ दूसरे सबसे निचले पायदान पर रहा. CEO अशोक कुमार के मुताबिक, पहले गणना के दौरान बीएलओ ने हर मतदाता के पते पर कम से कम तीन बार दौरा किया था. इसके बावजूद किसी भी मानवीय भूल को सुधारने के लिए यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है. बीएलओ केवल अपने रिकॉर्ड में दर्ज पते पर ही जाएंगे और मतदाताओं को ढूंढ़ने के लिए पूरे इलाके में नहीं भटकेंगे. अगर कोई पात्र व्यक्ति मिलता है, तो बीएलओ खुद फॉर्म 6 भरवाकर उसका नाम सूची में जुड़वाएंगे.

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30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि वर्तमान में वोटर लिस्ट को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है, जो 30 अक्टूबर तक जारी रहेगी. इस दौरान पात्र नागरिक अपनी जरूरत के हिसाब से जरूरी फॉर्म भर सकते हैं:

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  • फॉर्म 6: नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म 6 भर सकते हैं.
  • फॉर्म 7: वोटर लिस्ट में दर्ज किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म 7 का उपयोग किया जाता है.
  • फॉर्म 8: वोटर कार्ड में किसी भी प्रकार के संशोधन या सुधार के लिए फॉर्म 8 भरा जाता है.

33 लाख गड़बड़ियों में से 24 लाख मामले सुलझे

प्रारंभिक गणना चरण के आंकड़ों की जानकारी देते हुए अशोक कुमार ने बताया कि 16 जून तक के डेटा के अनुसार दिल्ली में लगभग 1.45 करोड़ मतदाता दर्ज थे. इसके बाद लगभग 97 लाख गणना फॉर्म प्राप्त हुए, जिन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का आधार बनाया गया. इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 33 लाख ऐसे मामले सामने आए, जिनमें विसंगतियां या नॉन-मैपिंग की समस्या थी. चुनाव विभाग ने इनमें से करीब 24 लाख मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि बाकी बचे मामलों को भी अगले 10 दिनों के भीतर पूरी तरह हल कर लिया जाएगा.

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

अशोक कुमार ने बताया कि विभाग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की है. इसमें दलों से अपने बीएलए-2 को सक्रिय करने का अनुरोध किया गया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र मतदाता को कोई भी परेशानी आती है, तो उसके लिए बाकायदा शिकायत निवारण तंत्र पूरी तरह सक्रिय है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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