राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत एक बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली की मसौदा (ड्राफ्ट) मतदाता सूची से बाहर हुए 47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नामों का अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा दोबारा सत्यापन किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से न छूटे. देश के छह प्रमुख महानगरों मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में दिल्ली 32.8% नाम हटाने की दर के साथ दूसरे सबसे निचले पायदान पर रहा. CEO अशोक कुमार के मुताबिक, पहले गणना के दौरान बीएलओ ने हर मतदाता के पते पर कम से कम तीन बार दौरा किया था. इसके बावजूद किसी भी मानवीय भूल को सुधारने के लिए यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है. बीएलओ केवल अपने रिकॉर्ड में दर्ज पते पर ही जाएंगे और मतदाताओं को ढूंढ़ने के लिए पूरे इलाके में नहीं भटकेंगे. अगर कोई पात्र व्यक्ति मिलता है, तो बीएलओ खुद फॉर्म 6 भरवाकर उसका नाम सूची में जुड़वाएंगे.
30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि वर्तमान में वोटर लिस्ट को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है, जो 30 अक्टूबर तक जारी रहेगी. इस दौरान पात्र नागरिक अपनी जरूरत के हिसाब से जरूरी फॉर्म भर सकते हैं:
- फॉर्म 6: नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म 6 भर सकते हैं.
- फॉर्म 7: वोटर लिस्ट में दर्ज किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म 7 का उपयोग किया जाता है.
- फॉर्म 8: वोटर कार्ड में किसी भी प्रकार के संशोधन या सुधार के लिए फॉर्म 8 भरा जाता है.
33 लाख गड़बड़ियों में से 24 लाख मामले सुलझे
प्रारंभिक गणना चरण के आंकड़ों की जानकारी देते हुए अशोक कुमार ने बताया कि 16 जून तक के डेटा के अनुसार दिल्ली में लगभग 1.45 करोड़ मतदाता दर्ज थे. इसके बाद लगभग 97 लाख गणना फॉर्म प्राप्त हुए, जिन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का आधार बनाया गया. इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 33 लाख ऐसे मामले सामने आए, जिनमें विसंगतियां या नॉन-मैपिंग की समस्या थी. चुनाव विभाग ने इनमें से करीब 24 लाख मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि बाकी बचे मामलों को भी अगले 10 दिनों के भीतर पूरी तरह हल कर लिया जाएगा.
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
अशोक कुमार ने बताया कि विभाग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की है. इसमें दलों से अपने बीएलए-2 को सक्रिय करने का अनुरोध किया गया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र मतदाता को कोई भी परेशानी आती है, तो उसके लिए बाकायदा शिकायत निवारण तंत्र पूरी तरह सक्रिय है.