Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून अब केवल 3 घंटे में, गीता कॉलोनी के पास ट्रायल रन शुरू, हटाए गए बैरिकेड

Delhi Dehradun Expressway begins trial run: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन शुरू हो गया है. गीता कॉलोनी के पास रविवार देर रात बैरीकेड हटाने के बाद इस नए एक्सप्रेस पर वाहन चलते दिखाई दिए. अक्षरधाम से शुरू होकर यह एक्सप्रेस वे बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून पहुंचेगा. ट्रायल रन 10 दिन तक चलेगा.

Delhi Dehradun Expressway

Delhi Dehradun Expressway begins trial run: दिल्ली से देहरादून की दूरी अब छह घंटे की जगह तीन घंटे में पूरी हो जाएगी. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ट्रायल रन शुरू हो गया है. गीता कॉलोनी एंट्री प्वाइंट के पास लगे बैरिकेड्स रविवार रात ट्रायल रन के लिए हटा दिए गए. 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस पर यह ट्रायल रन 10 दिन चलेगा, उसके बाद फैसला होगा कि इसे आम जनता के लिए स्थाई रूप से कब खोला जाए. अक्षरधाम से शुरू होकर यह एक्सप्रेस वे बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून पहुंचेगा और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) से खेकड़ा में मिलेग. इस एक्सप्रेस के शुरू होने से खजूरी खास और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी.

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प्रोजेक्ट लागत कितनी? अब तक कितनी देर

दिल्ली सहारनपुर देहरादून एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 11,868.6 करोड़ रुपये है. प्रोजेक्ट शुरू होने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है, इसे दो महीने पहले अक्टूबर 2025 में जनता के लिए खोला जाना था. लेकिन अभी इसपर केवल 10 दिन के लिए ट्रायल रन शुरू हुआ है. 10 दिन बाद पता चलेगा कि अभी से स्थाई तौर पर खुलने के लिए तैयार है या इस कार्य में अभी और वक्त लगेगा. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को निर्देश दिया है कि एक्सप्रेसवे का उद्घाटन तभी किया जाए जब सभी चार चरण पूरी तरह से कंप्लीट हो जाएं.

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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना चार चरणों में विभाजित

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत बन रहे दिल्ली सहारनपुर देहरादून एक्सप्रेस वे को चार चरणों में विभाजित किया गया है. चार खंडों में विभाजित यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली के अक्षरधाम के पास डीएमई से शुरू होकर शास्त्री पार्क, खजूरी खास, मंडोला बागपत के खेकड़ा में ईपीई इंटरचेंज से शामली, सहारनपुर होकर देहरादून तक बन रहा है. बताया जा रहा है कि इस कॉरिडोर से यात्रा करते समय न्यूनतम गति 100 किमी/घंटा बनाए रखी जाएगी. यह सात प्रमुख इंटरचेंज के माध्यम से हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ और बड़ौत को जोड़ेगा. नितिन गडकरी ने 26 फरवरी, 2021 को इस परियोजना की आधारशिला रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर, 2021 को फिर से इसकी आधारशिला रखी थी.

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गणेशपुर से देहरादून तक का मार्ग वन्य जीवों के लिए सुरक्षित

पूरे कॉरिडोर के निर्माण में कई विशेष प्रावधान किए गए हैं. इनमें गणेशपुर से देहरादून तक का मार्ग वन्यजीवों के लिए सुरक्षित रखा गया है. यहां 12 किमी का एलिवेटेड रोड, 6 पशु अंडरपास (Animal Under passes), 2 हाथी अंडरपास (Elephant Under Passes), 2 बड़े पुल तथा 13 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है. एक्सप्रेस-वे पर 12 वे-साइड एमेनिटिज का प्रावधान है. मुख्य रूप से इस राजमार्ग से हरिद्वार की कनेक्टिविटी के लिए 2095 करोड़ रुपए की लागत से 51 किमी 6-लेन ग्रीलफील्ड मार्ग का निर्माण किया जा रहा है. इस कॉरिडोर से वर्तमान की 235 किमी की दूरी घटकर 212 किमी होगी. समय और इंधन की बचत होगी, प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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