दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े हेट स्पीच मामले में दायर 15 याचिकाएं खारिज कर दी हैं. याचिकाओं में हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने और SIT से जांच कराने की मांग की गई थी. साल 2019 में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई थी और फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे. आरोप है कि राजनेताओं ने भड़काऊ भाषण देकर लोगों को भड़काया था, जिन्होंने हिंसा की. अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मनीष सिसोदिया, अकबरुद्दीन ओवैसी, परवेश वर्मा समेत कई राजनेताओं पर केस दर्ज करने की मांग की गई थी.
वृंदा करात और जमीयत उलेमा की याचिकाएं
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में मांग की गई थी कि 2020 के दिल्ली दंगों में हेट स्पीच और भड़काऊ बयानों की भूमिका की जांच होनी चाहिए. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई, जांच और गिरफ्तारी की रिपोर्ट भी कोर्ट को तलब करके समीक्षा करनी चाहिए. लेकिन हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज करके नेताओं को बड़ी राहत दी है. पूर्व राज्यसभा सांसद वृंदा करात और जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता और नफरत फैलाने वाले भाषणों की जांच की मांग की गई थी. लेकिन दिल्ली पुलिस ने याचिकाओं का विरोध करते हुए अपना पक्ष रखा.
साल 2020 में दिल्ली में क्यों भड़के थे दंगे?
बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस दौरान CAA समर्थकों और विरोधियों के बीच सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. 23 फरवरी 2020 को जाफराबाद और मौजपुर इलाकों में आगजनी, पथराव और हिंसक झड़पें हुई थीं. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा समेत कुल 53 लोगों की कई दिन चले दंगों में मौत हुई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे. हिंसक प्रदर्शनकारियों ने घरों, दुकानों, वाहनों और धार्मिक स्थलों को भी आग लगा दी थी और संपत्ति का भारी नुकसान पहुंचाया था.
2019 में जामिया मिलियामें क्या हुआ था?
साल 2019 में दिल्ली की जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा था. 15 दिसंबर 2019 को विरोध प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर कूच करने का प्रयास किया. लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें मथुरा रोड के पास रोक दिया था. इस दौरान प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे और उन्होंने पथराव किया. बसों और अन्य वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ भी की गई. लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करके पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का दमन किया और फिर जामिया मिलिया के कैंपस में पहुंची, लेकिन पुलिस पर लाइब्रेरी और कैंपस में छात्रों पर कार्रवाई के आरोप लगे.
संबंधित खबरें
जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट के तौर पर हटाने का आदेश किसने दिया?: दिल्ली HC
7 hrs agoसौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर में घुसना पड़ा भारी, FIR दर्ज
9 hrs agoदिल्ली में 14 अक्टूबर इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, चेक करें एरिया
14 hrs agoदिल्ली में बिजली सब्सिडी के लिए बदले नियम, अब आधार हुआ अनिवार्य
15 hrs agoराहुल गांधी के SC मार्च में दिखीं जन्नत बिश्नोई कौन हैं? DU से क्या नाता
21 hrs agoदिल्ली में आज ट्रैफिक को लेकर अलर्ट, कई सड़कों पर हो सकता है असर
1 day agoदिल्ली-NCR में छाए रहेंगे बादल, जानें आपके राज्य में कल कैसा रहेगा मौसम
1 day ago'20 लाख केस का हुआ निपटारा', Delhi SIR को लेकर बोले चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर
1 day agoदिल्ली में नए प्रदर्शन स्थल पर कैसे पहुंचा जा सकता है? जानिए पूरी डिटेल
1 day agoदिल्ली में जंतर मंतर को प्रोटेस्ट लिस्ट से क्यों हटाया? तय किए 3 नए स्थल
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines