NCR Master Plan 2041: दिल्ली और एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया गया है. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने दिल्ली के आसपास 5 से 8 नए स्मार्ट शहर बसाने का प्रस्ताव रखा है. यह योजना रीजनल प्लान 2041 का हिस्सा है, जिसका मकसद राजधानी पर बढ़ते दबाव को कम करना और लोगों को बेहतर रहने की सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इन नए शहरों को दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जाएगा ताकि लोग कम समय में अपने कार्यस्थल और घर के बीच सफर कर सकें. माना जा रहा है कि यह योजना आने वाले वर्षों में एनसीआर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.
यूपी, हरियाणा और राजस्थान में विकसित होंगे नए शहर
योजना के अनुसार नए ग्रीनफील्ड शहर दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के क्षेत्रों में बसाए जा सकते हैं. इन शहरों को आधुनिक सुविधाओं और मजबूत आधारभूत ढांचे के साथ तैयार किया जाएगा. यहां रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, परिवहन और डिजिटल सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड का लक्ष्य ऐसे शहर विकसित करना है जो आत्मनिर्भर हों और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दिल्ली पर निर्भर न रहना पड़े. इससे राजधानी में जनसंख्या का दबाव कम होगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.
औरंगाबाद की Auric स्मार्ट सिटी से मिलेगी प्रेरणा
प्रस्तावित शहरों को महाराष्ट्र की Auric इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है. Auric देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटीज में गिनी जाती है और आधुनिक शहरी विकास का सफल उदाहरण मानी जाती है. इसी मॉडल को अपनाकर एनसीआर में भी अत्याधुनिक स्मार्ट शहर बसाने की तैयारी है. योजना में एक्सप्रेसवे, रेल कॉरिडोर और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास टाउनशिप विकसित करने का सुझाव दिया गया है. उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और हरियाणा में केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित परियोजनाओं को भी इस विकास मॉडल से जोड़ा जा सकता है.
30 मिनट में होगा सफर
इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे खास बात यह है कि भविष्य में दिल्ली और नए शहरों के बीच की दूरी महज 30 मिनट की रह सकती है. इसके लिए हाई स्पीड ट्रेन, आधुनिक रेल नेटवर्क और हेली टैक्सी जैसी सुविधाओं पर जोर दिया गया है. सामान्य ट्रेन से यात्रा का समय 60 मिनट और कार से अधिकतम 2 से 3 घंटे रखने का लक्ष्य रखा गया है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 15 वर्षों में एनसीआर की आबादी में करीब 3 करोड लोगों की वृद्धि हो सकती है. इस बढ़ती आबादी के लिए आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 20 लाख करोड रुपये के निवेश की जरूरत होगी. अगर यह योजना सफल होती है तो एनसीआर दुनिया के सबसे आधुनिक और व्यवस्थित शहरी क्षेत्रों में शामिल हो सकता है.
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