Delhi Metro Accident Eye Witness Told Horrible Story: मां मुझे लेने के लिए उतरी थी, अचानक दरवाजा बंद हो गया। मां की साड़ी फंस गई थी। वह उसे खींच कर निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन साड़ी फटी भी नहीं। अचानक मेट्रो चल पड़ी और मां उसके साथ घिसटती चली गई। मां का सिर जोर से प्लेटफार्म पर लगा। वह मेरी तरफ देख रही थी। मैं चिल्लाता रहा, प्लेटफार्म पर दौड़ता रहा। मां को बचाने के लिए पटरी पर भी कूदा, लेकिन मैं उसे बचा नहीं पाया। लोगों ने मुझे पटरी से ऊपर खींच लिया, लेकिन मां के लिए मैं कुछ नहीं कर पाया, देखते ही देखते मां की आंखें बंद हो गईं और वह हमें छोड़कर चली गई। 10 साल के बच्चे ने मां के साथ हुए दिल दहला देने वाले हादसे और उस खौफनाक मंजर की कहानी सुनाई तो मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।  

क्या हुआ था 14 दिसंबर की दोपहर को?

दिल्ली मेट्रो के दरवाजे में साड़ी फंसने से जान गंवाने वाली नांगलोई निवासी रीना के पति की 9 साल पहले मौत हो गई थी। एक बेटे और बेटी का पालन-पोषण करने के लिए वह सब्जी की रेहड़ी लगाकर गुजारा कर रही थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 14 दिसंबर की दोपहर को रीना बेटे को लेकर मेरठ जाने के लिए निकली थी। उसे भांजे की शादी अटैंड करनी थी। इंद्रलोक स्टेशन पर मेट्रो पकड़ने लगी तो बेटा पीछे छूट गया। उसे लेने के लिए वह मेट्रो से बाहर आ गई, लेकिन दरवाजा बंद हो गया। रीना की साड़ी उसमें फंस गई। इसके बाद जो हुआ प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों ने अपनी आंखों से देखा। लोग चिल्लाते रह गए। रीना का बेटा रोता रह गया, लेकिन जब तक मेट्रो रुकी, देर हो चुकी थी। रीना मौत के मुंह में जा चुकी थी। 3 दिन चले इलाज के बाद 17 दिसंबर की सुबह रीना ने दम तोड़ दिया। यह भी पढ़ें: ‘पुजारी नहीं, केयर टेकर था, CCTV में खुद बाहर जाता दिखा’; गोपालगंज मर्डर केस में SP का बयान वायरल यह भी पढ़ें: Delhi मेट्रो में साड़ी फंसने से महिला की मौत से लें सबक, पैसेंजर्स चढ़ते-उतरते समय न करें 7 गलतियां यह भी पढ़ें: ‘पत्नी हफ्ते में सिर्फ 2 दिन मिलती’ पति ने किया केस, बीवी ने दिया दिलचस्प जवाब, पढ़ें हाईकोर्ट की टिप्पणी