नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली संवाद और विकास आयोग (डीडीडीसी) के उपाध्यक्ष के पद से जैस्मीन शाह को हटाने के लिए कहा है। बता दें कि डीडीसीडी के उपाध्यक्ष का पद दिल्ली सरकार के मंत्री के पद के बराबर है।
बताया जा रहा है कि जैस्मीन शाह से आधिकारिक वाहन और कर्मचारियों समेत सभी सुविधाएं और विशेषाधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए गए। इस संबंध में गुरुवार शाम को आदेश जारी किया गया था, जिसके अनुपालन में एसडीएम, सिविल लाइंस ने गुरुवार देर रात डीडीडीसी के कार्यालय परिसर को सील कर दिया।
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भाजपा सांसद ने की थी शिकायत
भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा की ओर से सार्वजनिक पद के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाली शिकायत के बाद जैस्मीन शाह को उपराज्यपाल द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के एक महीने बाद यह आदेश आया है।
एलजी सचिवालय को दिल्ली सरकार द्वारा बीएसईएस डिस्कॉम को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी में कथित अनियमितता और विसंगतियों को लेकर एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जैस्मीन शाह और AAP के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता के बेटे नवीन गुप्ता ने बड़ा घोटाला किया है।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया कि केजरीवाल सरकार ने अनिल अंबानी समूह के स्वामित्व वाले निजी डिस्कॉम, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) के निदेशक नियुक्त किए थे। इन निजी डिस्कॉम में दिल्ली सरकार की 49 फीसदी हिस्सेदारी है।
इसके अलावा, सितंबर में दर्ज एक शिकायत में भाजपा सांसद परवेश सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि डीडीडीसी के उपाध्यक्ष के रूप में काम करते हुए, शाह ने राजनीतिक लाभ के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में काम किया, जो स्थापित प्रक्रियाओं का उल्लंघन है।
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2014 में AAP में शामिल हुए थे जैस्मीन शाह
बता दें कि जैस्मीन शाह 2014 में AAP में शामिल हुए थे। उन्हें 2018 में DDDC के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। DDDC VC का पद दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद के बराबर है।
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