दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर सफर होगा आसान, दिसंबर 2026 में खुल सकता है पठानकोट-दयालाचक सेक्शन
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का करीब 40 किलोमीटर लंबा पठानकोट-दयालाचक सेक्शन दिसंबर 2026 के आखिर तक खुलने की उम्मीद है. इसके शुरू होने से जाम से राहत मिल सकती है और दिल्ली से कटरा की यात्रा में समय बचेगा. जानें एक्सप्रेसवे का रूट, दूरी और पूरा होने की समय-सीमा.
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का पठानकोट-दयालाचक सेक्शन दिसंबर 2026 के अंत तक खुलने की उम्मीद है. (Image- X/@DrJitendraSingh)
दिल्ली से वैष्णो देवी के लिए कटरा जाने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का पठानकोट-दयालाचक सेक्शन अब लगभग तैयार है. करीब 40 किलोमीटर लंबे इस हिस्से का काम आखिरी चरण में पहुंच गया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के मुताबिक, इसे दिसंबर 2026 के आखिरी में खोला जा सकता है. इसके शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा और पंजाब से जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क भी बेहतर होगी.
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करीब 670 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे में इस सेक्शन को अहम माना जा रहा है. दिल्ली और अमृतसर से कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे खास फायदा मिल सकता है. इस हिस्से के शुरू होने के बाद पठानकोट से दयालाचक के बीच लगने वाला समय करीब 50-70 मिनट से घटकर लगभग 30-40 मिनट रह सकता है. इस रास्ते पर करीब 20-30 मिनट की बचत होने की उम्मीद है.
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पठानकोट-दयालाचक सेक्शन से क्या बदलेगा?
फिलहाल पठानकोट से दयालाचक के बीच सफर करने में ट्रैफिक के हिसाब से करीब 50-70 मिनट लग जाते हैं. इस रास्ते पर भारी वाहनों को भी परेशानी होती है. खासकर लखनपुर टोल प्लाजा के पास कई बार लंबा जाम लग जाता है, जिससे यात्रियों का समय बर्बाद होता है. एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा शुरू होने के बाद वाहन इस रास्ते को बाईपास कर सकेंगे. इससे न केवल जाम की परेशानी कम होने की उम्मीद है, बल्कि यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सड़क पर सफर करने का मौका भी मिलेगा.
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा है एक्सप्रेसवे
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना का हिस्सा है. इसकी कुल लंबाई करीब 670-680 किलोमीटर बताई जा रही है. इसे ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर के रूप में बनाया जा रहा है. आसान शब्दों में कहें तो इसके कुछ हिस्से नए बनाए जा रहे हैं, जबकि कुछ हिस्सों में पहले से मौजूद सड़क को बेहतर बनाया जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा और पंजाब से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा. इस तरह यह चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सड़क से जोड़ने में मदद करेगा. इसके पूरा होने से दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सफर करना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है.
A major boost to connectivity in the region! The nearly 40-km Pathankot–Dayalachak stretch of the Delhi–Amritsar–Katra Expressway is expected to open by December, bypassing the Lakhanpur toll plaza and reducing travel time from 50–70 minutes to… pic.twitter.com/gr2wJw0dmN
इस एक्सप्रेसवे के रास्ते में कई प्रमुख शहर और इलाके आएंगे. इस रूट से दिल्ली और आसपास के इलाकों से कटरा जाने वाले लोगों को सड़क मार्ग से यात्रा करने का एक बेहतर ऑप्शन मिलेगा.
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
एक्सप्रेसवे के रूट में आने वाले प्रमुख शहर और इलाके
दिल्ली
एक्सप्रेसवे की शुरुआत
हरियाणा
जसौर खेड़ी, खरखौदा, गोहाना, जींद और कैथल
पंजाब
पटियाला, संगरूर, मलेरकोटला, नकोदर और गुरदासपुर
जम्मू-कश्मीर
लखनपुर, कठुआ, सांबा, जम्मू और कटरा
दिल्ली से कटरा पहुंचने में लग सकते हैं करीब 6-7 घंटे
दिल्ली से कटरा की मौजूदा सड़क सफर में आम तौर पर करीब 13-15 घंटे लग सकते हैं. इसकी वजह रास्ते में ट्रैफिक और रुकने का समय भी है. फिलहाल दोनों जगहों के बीच सड़क की दूरी करीब 727 किलोमीटर बताई जाती है. एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होने के बाद यह दूरी घटकर करीब 588 किलोमीटर रह सकती है. यात्रा में लगभग 139 किलोमीटर की कमी आने का अनुमान है. इससे दिल्ली से कटरा पहुंचने में करीब 6-7 घंटे लग सकते हैं, हालांकि असल टाइम ट्रैफिक, मौसम, वाहन की स्पीड और बीच में लिए जाने वाले ब्रेक पर निर्भर करेगा. इसी तरह दिल्ली से अमृतसर का सफर भी आसान हो सकता है. एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद इस यात्रा में करीब 4-5 घंटे लगने का अनुमान है. इससे खास तौर पर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान सफर करने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है.
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2028 तक पूरा एक्सप्रेसवे चालू करने का टारगेट
सरकार की योजना दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को 2028 तक पूरी तरह चालू करने की है. जम्मू-कश्मीर में आने वाले करीब 143 किलोमीटर लंबे हिस्से को अगस्त 2027 तक खोलने का टारगेट रखा गया है. वहीं, पूरे करीब 670 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को अलग-अलग चरणों में पूरा करके मार्च 2028 तक पूरी तरह चालू करने का टारगेट है. फिलहाल एक्सप्रेसवे को चार लेन का बनाया जा रहा है. भविष्य में जरूरत के हिसाब से इसे आठ लेन तक चौड़ा करने की प्लैनिंग है.