राजधानी दिल्ली के कंझावला इलाके में 22 साल पुरानी रंजिश को लेकर एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. आरोपियों ने 45 वर्षीय दीपक डबास को ठिकाने लगाने के लिए एक के बाद एक तीन बार जानलेवा साजिश रची. दो बार हमले में बाल-बाल बचे दीपक को आखिरकार तीसरी बार स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलकर मार डाला गया. दिल्ली पुलिस ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता पवन उर्फ जगपाल डबास (45) समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

22 साल पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूरी साजिश के पीछे 22 साल पुरानी रंजिश थी. मुख्य आरोपी पवन का आरोप था कि दीपक ने सालों पहले उसकी बहन को परेशान किया था. इसी का बदला लेने के लिए पवन ने दीपक की हत्या की पूरी रूपरेखा तैयार की. साजिशकर्ताओं ने सबसे पहले दीपक के भाई के घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन दीपक बच गया. इसके बाद 2 जुलाई को माजरा डबास इलाके में जब दीपक स्कूटी से जा रहा था, तब एक हुंडई i10 कार से उसे टक्कर मार दी गई ताकि मामला एक्सीडेंट लगे, लेकिन इस हमले में भी वह बच गया.

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लगातार दो बार नाकाम रहने के बाद साजिशकर्ताओं ने 16 जुलाई को तीसरा हमला किया. कंझावला के चांदपुर माजरा के पास एक खेत में दीपक को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (SUV) से बेरहमी से कुचल दिया गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, यह हत्या 2 जुलाई को हुई एक हत्या के प्रयास के बाद हुई, जब एक हुंडई आई10 ने कथित तौर पर जानबूझकर उनकी स्कूटर को टक्कर मारी थी.

पवन और दीपक के बीच लंबे समय से विवाद

पुलिस के अनुसार, इस घटना का मकसद पवन और दीपक के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद से जुड़ा था. पुलिस ने इस दुश्मनी को दो दशक से भी अधिक पुराना बताया है और कहा है कि यह पवन की बहन से संबंधित आरोपों से जुड़ी हुई है. रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल के मुताबिक, मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था. जांच के दौरान सीसीटीवी, कार रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर पूरी कड़ी जोड़ी।

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2 जुलाई वाले फर्जी एक्सीडेंट के आरोपी सागर उर्फ काला को पुलिस ने 17 जुलाई को गिरफ्तार किया. वारदात में इस्तेमाल हुंडई i10 कार उपलब्ध कराने वाला अतुल उर्फ मोंटी भी पकड़ा गया. मुख्य आरोपी पवन को पनाह देने और छिपाने के आरोप में साहिल को 22 जुलाई को पकड़ा गया. 16 जुलाई की वारदात के लिए स्कॉर्पियो का इंतजाम करने वाला प्रिंस उर्फ टीली 26 जुलाई को गिरफ्तार हुआ. मुख्य साजिशकर्ता पवन उर्फ जगपाल डबास 12 अगस्त को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दोनों गाड़ियां और दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं.

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