ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट इस मामले में कल फैसला सुनाएगा. हाईकोर्ट के सामने नेहा बोरा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने साफ किया कि 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में ‘सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन से उनके मुवक्किल का कोई संबंध नहीं था, वह मंडी हाउस पर अपने तय कार्यक्रम में शामिल थीं. नेहा के सभी विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण थे और उनमें कहीं भी हिंसा फैलाने या कानून तोड़ने की कोई बात नहीं कही गई थी.
यह भी पढ़ें : कल SIR के विरोध में दिल्ली में बड़ा मार्च, दीपके-नेहा को भी न्योता, पुलिस से नहीं मांगी इजाजत
अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कोर्ट को दलील दी कि यह पूरा मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 130 के तहत भेजे गए नोटिस से जुड़ा एक सीमित विषय है. नेहा बोरा आइसा की एक सक्रिय नेता हैं और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी हुई हैं. वह विभिन्न मुद्दों पर सुधार की मांग उठाती रही हैं और इसी सिलसिले में उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे.
शंकरनारायणन ने जोर देकर कहा कि इन प्रदर्शनों में किसी भी तरह की हिंसा का न तो कोई आह्वान था और न ही किसी को उकसाया गया. ऐसे में पुलिस द्वारा शांति भंग की आशंका जताते हुए नोटिस थमाना सही नहीं है.
सरकार ने याचिका का किया कड़ा विरोध
वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के स्थायी वकील (CGSC) आशीष दीक्षित ने नेहा बोरा की इस याचिका का पुरजोर विरोध किया. सरकारी वकीलों ने अदालत में याचिका के विचारणीय होने पर ही सवाल उठाते हुए इसे खारिज करने की मांग की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत मामले के कानूनी पहलुओं और पुलिस द्वारा जारी नोटिस के अधिकार क्षेत्र पर विचार कर रही है.
क्यों जारी हुआ था पुलिस नोटिस?
दरअसल, नई दिल्ली जिले के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की ओर से नेहा बोरा को एक नोटिस भेजा गया था. इसमें जांच अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया था. पुलिस ने इस नोटिस के पीछे तीन मुख्य आधार बताए थे, इनमें 16 अक्टूबर को मंडी हाउस पर कथित नारेबाजी, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर के आसपास बार-बार प्रदर्शन करना और कनॉट प्लेस में लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप था.
16 अक्टूबर को क्या हुआ था?
मामला 16 अक्टूबर की घटनाओं से जुड़ा है. दरअसल, जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में मंगलवार को सीजेपी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. इसके विरोध में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार शाम को तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया था. वहीं दूसरी तरफ, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा अपने संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ शाम 5:15 बजे मंडी हाउस पर अलग से फ्लैग मार्च निकालने पहुंची थीं. दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहीं से हिरासत में ले लिया था.
याचिका में उठाए गए सवाल
अधिवक्ता अभिक चिमनी के माध्यम से दायर इस याचिका में नेहा बोरा ने कहा कि पुलिस का यह नोटिस पूरी तरह से अस्पष्ट और तथ्यों से परे है. यह संविधान के अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है. याचिका में यह भी कहा गया कि नोटिस में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है जिससे यह साबित हो सके कि शांति भंग होने की कोई वास्तविक आशंका थी.
यह भी पढ़ें : नेहा बोरा ने शांति बॉन्ड के लिए मिले पुलिस नोटिस को चुनौती दी, पहुंचीं हाई कोर्ट
संबंधित खबरें
दिल्ली में यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन
1 hr agoदिल्ली के 1790 युवाओं को 400 रुपये रोजाना वजीफा और फ्री ट्रेनिंग
3 hrs ago10 रुपये के नोट पर हुआ झगड़ा, डिलिवरी एजेंट ने कर लिया सुसाइड; बनाया VIDEO
3 hrs agoकल SIR के विरोध में दिल्ली में बड़ा मार्च, दीपके-नेहा को भी न्योता
4 hrs agoदिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर सिग्नल में खराबी, हजारों यात्री फंसे
7 hrs ago100 साल पुरानी मस्जिद को खाली करने का नोटिस, पानी-बिजली सप्लाई बंद
7 hrs agoदिवाली से पहले सफाई पर सख्त हुईं CM रेखा गुप्ता, रात में भी होगी सफाई
8 hrs agoनोएडा-अक्षरधाम रोड पर खत्म होगा जाम, लागू होगी नई यू-टर्न व्यवस्था
10 hrs agoGRAP-1 नियमों के बीच दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
20 hrs agoदिल्ली के कई इलाकों में 22 अक्टूबर को कटेगी बिजली, चेक करें शेड्यूल
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines